Azhar Khan :
एक लोकतान्त्रिक, गणतांत्रिक'' देश की वास्तविकता को
गरीबों से पूछिए
मजदूरों से पूछिए
हर समय हर पल जातिवाद का दंश झेलते दलितों से पूछिए
हर समय अपमान भेदभाव झेलते, पुलिस के अधिकारीयों के द्वारा प्रताड़ना झेलते आदिवासियों से पूछिए
हर पल दंगों के डर के साये में जीते और दंगों में मार दिए गए लोगों को न्याय दिलाने के लिए दर डर भटकते अल्पसंख्यक समुदाय से पूछिए
भ्रष्ट व्यवस्था से आजिज आ चुके आम नागरिक से पूछिए
'आर्म्ड फ़ोर्स स्पेशल पॉवर एक्ट' के साए में हर पल जीते कश्मीरियों से,उत्तर पूर्व के लोगों से,इरोम शर्मीला से पूछिए
फर्जी एनकाउंटर में मार दिए गए आम नागरिकों के रिश्तेदारों से पूछिए
बड़े बड़े नरसंहारों के प्रत्यक्षदर्शियों से पूछिए
अपने ही देश में शरणार्थी बन कर रह रहे कश्मीरी पंडितों से पूछिए
कड़ाके की ठण्ड में मुज़फ्फरनगर दंगों के बाद वहां टेंट लगाकर रहने को मजबूर और पाने बच्चों को ठण्ड से मरते हुआ देखने वालों से पूछिए
रेप, छेड़छाड़ की पीड़ित महिलायों से पूछिए
आतंकवाद के झूठे आरोपों में सालों जेल में बंद रहकर अपनी ज़िन्दगी के दस साल, पंद्रह साल, अठारह साल काट देने के बाद अंततः कोर्ट द्वारा निर्दोष साबित होने के बाद जेल से बाहर आये मुस्लिम युवायों से पूछिए….
भ्रष्ट, सामंती, जातिवादी, घोर साम्प्रदायिक, गरीब विरोधी, जनविरोधी, परिवारवाद से ओत-प्रोत, पीड़ितों को न्याय देने में असफल ''कानून का राज वाले'' और ''लोकतान्त्रिक''' देश का ''गणतंत्र दिवस'' आप लोगों को मुबारक हो!
अजहर खान के फेसबुक वॉल से.
और, तस्वीर का दूसरा पहलू देखना हो तो इसे पढ़ लें…
बहुत नकारात्मक होने से कुछ नहीं बनता…






