: एनटीबी के संपादक ने भेजा डा. रामलखन गुप्ता को कानूनी नोटिस : डा. गुप्ता के खिलाफ हो रही है फर्जी प्रकाशन स्थल की जांच : देहरादून। फर्जी प्रकाशन स्थल के सहारे लाखों डकराने के बाद इसी प्रकाशक द्वारा फर्जी हस्ताक्षर के आधार पर इंडियन न्यूज पेपर सोसाइटी में फर्जी वोट डाले जाने का मामला उजागर हुआ है। इंडियन न्यूज पेपर सोसाइटी के बीते माह 72वें वार्षिक सामान्य अधिवेशन 2010-11 में चुनाव से पूर्व जिस तरह फर्जी हस्ताक्षर के जरिए वोट डाले गए हैं, उससे पूरी सोसाइटी भी आश्चर्यचकित हो गई है।
देशभर में मीडिया को विश्वसनीयता के साथ-साथ पत्रकारिता का चौथा स्तम्भ भी माना जाता है लेकिन पत्रकारिता की आड़ में यदि इस तरह की घटनाएं होनी शुरू हो जाए तो यह पूरी पत्रकारिता के लिए बेहद शर्मिन्दगी उठाने वाली बात हो जाती है। देशभर में कई ऐसी घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं, जिसमें पत्रकारिता लगातार विश्वसनीयता खोती जा रही है। मीडिया के लिए भी यह बेहद चिन्तन और मनन करने का समय है। गौरतलब है कि देहरादून व बनारस से प्रकाशित दैनिक निष्पक्ष समाचार ज्योति के सम्पादक डा. रामलखन गुप्ता द्वारा आईएनएस के बंगलौर में संपन्न हुए सोसाइटी कार्यकारिणी के चुनाव में फर्जी वोट डाले जाने का मामला अब तेजी से आगे बढ़ रहा है। देहरादून से प्रकाशित न्यूज टेंडर भारत के सम्पादक विजय जायसवाल ने इंडियन न्यूज पेपर सोसाइटी के अध्यक्ष को पत्र भेजकर उनके फर्जी हस्ताक्षर के साथ उनकी धर्मपत्नी गीता जायसवाल के फर्जी हस्ताक्षर कर वोट डाले जाने का मामला उठाया है।
भेजे गए पत्र में कहा गया है कि 72वें वार्षिक सामान्य अधिवेशन में चुनाव से पूर्व डा. रामलखन गुप्ता द्वारा समाचार पत्र के संपादक के नाम से फर्जी हस्ताक्षर बनाकर प्रौक्सी जमा कराई गई और निरीक्षण के दौरान पता चला कि जमा कराई गई प्रौक्सी पूरी तरह गलत है। उन्होंने पत्र में इस बात का भी उल्लेख किया है कि डा. रामलखन गुप्ता द्वारा अपने पक्ष में मत डालने का प्रयास किया गया है, जो आईएनएस के नियमों के विपरीत है और जिस पर डा. रामलखन गुप्ता की सदस्यता निरस्त की जानी चाहिए। इसके अलावा इंडियन न्यूज पेपर सोसाइटी के अध्यक्ष को भेजे गए पत्र में न्यूज टेंडर भारत के सम्पादक विजय जायसवाल ने कहा है कि डा. रामलखन गुप्ता द्वारा अपने पक्ष में जमा कराई गई दोनों प्रौक्सी, जिसमें एक न्यूज टेंडर भारत व दूसरी नजरिया खबर साप्ताहिक समाचार पत्र की है, वह पूरी तरह से फर्जी है।
इस घटना का पता चलते ही इंडियन न्यूज पेपर सोसाइटी में भी हड़कम्प मच गया है। फर्जी हस्ताक्षर के माध्यम से वोट डाले जाने का यह पहला मामला उजागर हुआ है, जिसने सभी को हिलाकर रख दिया है। पूरे मामले का संज्ञान लेते हुए अब आईएनएस फर्जी हस्ताक्षर से डाले गए वोटों की जांच करने के बाद डा. रामलखन गुप्ता की सदस्यता आईएनएस से समाप्त करने की तैयारी कर रहा है। इसके अलावा देहरादून निवासी न्यूज टेंडर भारत के सम्पादक विजय जायसवाल एवं समाचार पत्र नजरिया खबर की सम्पादक श्रीमती गीता जायसवाल ने अपने वकील राकेश कुमार गुप्ता के माध्यम से निष्पक्ष्ा समाचार ज्योति के सम्पादक डा. रामलखन गुप्ता को कानूनी नोटिस भेजकर 30 दिन के भीतर पूरे मामले में स्पष्टीकरण दिए जाने की बात कही है, ऐसा न करने पर डा. रामलखन गुप्ता के खिलाफ न्यायालय में वाद दाखिल करने के साथ-साथ 2 लाख रुपये का हर्जाना भरने की बात भी कही गई है।
उल्लेखनीय है कि निष्पक्ष समाचार ज्योति के सम्पादक डा. रामलखन गुप्ता द्वारा फर्जी प्रकाशन स्थल के सहारे लाखों रुपये के विज्ञापन डीएवीपी से प्राप्त किए जा चुके हैं, जिस पर अब आगे की कार्रवाई शुरू हो गई है। कुल मिलाकर दोनों ही घटनाक्रमों में फर्जी तरीके से काम किए जाने की बातें उजागर हुई हैं। इस बारे में जब डा. गुप्ता से बात करनी चाही तो उनका मोबाइल फोन बंद था।




एक पत्रकार द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.






