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एगो रिक्वेस्ट है सर, यूपीए का नाम बदल के अब खूनपीए कर दीजिए… (पेट्रोल बम पर चार कार्टून)

देश में यूपीए सरकार ने पेट्रोल बम क्या गिराया, जनता हाहाकार कर चुकी है. महंगाई के बोझ तले दबी भारत की जनता पर पेट्रोल के दामों इतनी ज्यादा वृद्धि सहन से बाहर की चीज है. जनता की भावना को अभिव्यक्त किया है कार्टूनिस्टों ने. फेसबुक पर पेट्रोल मूल्य वृद्धि को लेकर कई तरह के कार्टून लोग शेयर अपलोड कर रहे हैं. सबसे ज्यादा शेयर अगर किसी का कार्टून किया गया है तो वो है पवन का कार्टून. नीचे सबसे पहले पवन का कार्टून है जो भोजपुरी टोन में जबरदस्त कार्टून बनाते आए हैं. इस प्रतिभाशाली कार्टूनिस्ट को इस नायाब कार्टून के लिए ढेर सारी बधाइयों के साथ बाकी कार्टून भी नीचे प्रकाशित किया जा रहे हैं. यहां एक तथ्य की जानकारी देना चाहेंगे कि इंडियन आयल कारपोरेशन के चेयरमैन का कहना है कि एक लीटर पेट्रोल पर केंद्र सरकार को पंद्रह रुपये और राज्य सरकार को 10 से 20 रुपये (हर राज्य का अलग अलग हिसाब है) टैक्स के रूप में मिलते हैं. आखिर ये सरकारें जनता के हित में ये टैक्स लेना क्यों नहीं बंद कर देतीं. इससे सीधे सीधे लगभग पच्चीस रुपये पेट्रोल का दाम घट जाएगा. अगर आप पेट्रो पदार्थों के दाम को बाजार के हवाले कर चुके हैं तो फिर टैक्स किस बात का ले रहे हैं. इस तथ्य को लोगों को जानना चाहिए ताकि वे नेताओं और नौकरशाहों से सवाल पूछ सकें.

देश में यूपीए सरकार ने पेट्रोल बम क्या गिराया, जनता हाहाकार कर चुकी है. महंगाई के बोझ तले दबी भारत की जनता पर पेट्रोल के दामों इतनी ज्यादा वृद्धि सहन से बाहर की चीज है. जनता की भावना को अभिव्यक्त किया है कार्टूनिस्टों ने. फेसबुक पर पेट्रोल मूल्य वृद्धि को लेकर कई तरह के कार्टून लोग शेयर अपलोड कर रहे हैं. सबसे ज्यादा शेयर अगर किसी का कार्टून किया गया है तो वो है पवन का कार्टून. नीचे सबसे पहले पवन का कार्टून है जो भोजपुरी टोन में जबरदस्त कार्टून बनाते आए हैं. इस प्रतिभाशाली कार्टूनिस्ट को इस नायाब कार्टून के लिए ढेर सारी बधाइयों के साथ बाकी कार्टून भी नीचे प्रकाशित किया जा रहे हैं. यहां एक तथ्य की जानकारी देना चाहेंगे कि इंडियन आयल कारपोरेशन के चेयरमैन का कहना है कि एक लीटर पेट्रोल पर केंद्र सरकार को पंद्रह रुपये और राज्य सरकार को 10 से 20 रुपये (हर राज्य का अलग अलग हिसाब है) टैक्स के रूप में मिलते हैं. आखिर ये सरकारें जनता के हित में ये टैक्स लेना क्यों नहीं बंद कर देतीं. इससे सीधे सीधे लगभग पच्चीस रुपये पेट्रोल का दाम घट जाएगा. अगर आप पेट्रो पदार्थों के दाम को बाजार के हवाले कर चुके हैं तो फिर टैक्स किस बात का ले रहे हैं. इस तथ्य को लोगों को जानना चाहिए ताकि वे नेताओं और नौकरशाहों से सवाल पूछ सकें.

 

 

 

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