एचएसबीसी बैंक के खिलाफ आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर और सामाजिक कार्यकर्ता नूतन ठाकुर के स्तर पर 'आप' कन्वेनर अरविन्द केजरीवाल द्वारा लगाए गए आरोपों के सन्दर्भ में प्रेषित शिकायतों की रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के बैंकिंग पर्यवेक्षण विभाग द्वारा जांच की गयी है. यह जांच एचएसबीसी के वार्षिक वित्तीय निरीक्षण (एएफआई)- 2012 के दौरान की गयी. रिजर्व बैंक के मुख्य निरीक्षण अधिकारी द्वारा दी गयी टिप्पणियों के आधार पर ही बैंक के खिलाफ अग्रिम कार्यवाही की जायेगी.
आरबीआई ने यह जानकारी आरटीआई के तहत दी है यद्यपि उन्होंने एचएसबीसी बैंक के वित्तीय हित में एएफआई के परिणाम से अवगत कराने से इनकार कर दिया है. केजरीवाल के आरोपों में एचएसबीसी द्वारा स्विस बैंकों में काला धन जमा करने में मदद करना, देश में हवाला रैकेट चला कर टैक्स चोरी कराना शामिल हैं. इन आरोपों के आधार पर अमिताभ और नूतन ने आरबीआई को इनकी जांच कर सत्यता पाए जाने पर बैंकिंग रेगुलेशन अधिनियम 1949 की धारा 22(4) के अंतर्गत लाइसेंस निरस्त करने का अनुरोध किया था. इस पर बैंक की मुख्य नोडल अधिकारी सीमा मेहता ने 20 दिसंबर 2012 के अपने पत्र में कहा कि बैंक बहुत गंभीरता से सभी कानूनों का पालन करता है.






