सामाजिक कार्यकर्ता डॉ नूतन ठाकुर ने एनआरएचएम घोटाले के गवाह गिरीश मलिक द्वारा विशेष न्यायाधीश, सीबीआई एस लाल के सामने आईएएस अधिकारी नवनीत सहगल पर लगाए आरोपों की जांच कराये जाने की मांगी की है. उन्होंने मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश को भेजे पत्र में कहा है कि मलिक ने बयान दिया है कि नरेश ग्रोवर की फर्म मेसर्स सर्जिक्वाइन को ठेका दिलवाने के लिए नेहरु युवा केंद्र के समन्वयक डीके सिंह ने सहगल के लिए बतौर रिश्वत पच्चीस लाख रुपये मांगे थे. साथ ही उन्होंने सहगल द्वारा ठेकों में मंत्री बाबू लाल कुशवाहा के साथ दो प्रतिशत कमीशन भी लेने की बात कही है.
ठाकुर ने मुख्य सचिव को कहा है कि इन बयान में नामित बाकी सभी लोग या तो गिरफ्तार हुए हैं या आरोप पत्र में नामित हैं. लेकिन सहगल के विरुद्ध अब तक कोई भी कार्यवाही नहीं हुई है. अतः उन्होंने इस बयान के आधार पर प्रशासनिक स्तर पर जांच करा कर आवश्यक कार्यवाही कराने को कहा है. साथ ही सीबीआई निदेशक को भी उनके कथित आपराधिक कृत्य के बारे में कार्यवाही कराने को भी लिखा है.
संलग्न- मुख्य सचिव और सीबीआई निदेशक को भेजे पत्र..
सेवा में,
निदेशक,
सीबीआई,
नयी दिल्ली
विषय- श्री नवनीत सहगल के कथित कमीशन लेने विषयक
महोदय,
कृपया दैनिक अमर उजाला समाचारपत्र के दिनांक 29/05/2013 तथा 30/05/2013 के लखनऊ संस्करण के दो समाचारों का सन्दर्भ ग्रहण करें (छायाप्रति संलग्न).
इनमे दिनांक 29/05/2013 के समाचार “डीके सिंह ने नवनीत सहगल के लिए मांगे थे 25 लाख रुपये” के अनुसार एनआरएचएम घोटाले के एक आरोपी श्री गिरीश मालिक ने मा० विशेष
न्यायाधीश, सीबीआई श्री एस लाल के सामने यह कहा कि श्री नरेश ग्रोवर की फर्म मेसर्स सर्जिक्वाइन को ठेका दिलवाने के लिए नेहरु युवा केंद्र के श्री डीके सिंह ने आईएएस अधिकारी श्री
नवनीत सहगल के लिए बतौर रिश्वत पच्चीस लाख रुपये मांगे थे.
दिनांक 30/05/2013 के समाचार “मंत्री अफसर का भी तय हुआ था कमीशन” में पुनः श्री गिरीश मालिक द्वारा कहा गया कि मंत्री के साथ आईएएस श्री सहगल के लिए दो प्रतिशत कमीशन
तय था. इसी प्रकार तमाम अन्य लोगों के लिउए भी कमीशन तय था. लगभग यही बात दैनिक जागरण में प्रकाशित समाचार “मायावती के बंगले में हुआ था लेन-देन” में भी प्रकाशित हुई थी
जिसकी प्रति संलग्न की जा रही है.
मेरी जानकारी के अनुसार इनमे नामित बाकी सभी लोग या तो गिरफ्तार हुए हैं अथवा आरोप पत्र में नामित हैं. लेकिन श्री सहगल के विरुद्ध कोई भी कार्यवाही अब तक नहीं हुई है- ना तो
प्रशासनिक स्तर पर और ना ही उनके कथित आपराधिक कृत्य के सम्बन्ध में.
मैं श्री सहगल के कथित प्रशासनिक दुष्कृत्य के सम्बन्ध में मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश शासन को अलग से पत्र प्रेषित कर रही हूँ. साथ ही आपसे निवेदन है कि इन दोनों समाचारों का सन्दर्भ
लेते हुए इस प्रकरण से सम्बंधित बयान प्राप्त करने और उस पर अपने स्तर पर जांच करा कर श्री नवनीत सहगल की संलिप्तता के सम्बन्ध में स्पष्ट दृष्टिकोण नियत करते हुए तदनुसार
नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही तत्काल कराये जाने और उन के कथित आपराधिक कृत्य के सम्बन्ध में कठोर कार्यवाही कराये जाने की कृपा करें.
भवदीय
पत्र संख्या- NT/NS/CBI
दिनांक-04/06/2013
(डॉ नूतन ठाकुर)
5/426, विराम खंड,
गोमती नगर, लखनऊ
प्रतिलिपि : मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश, लखनऊ





