: अपडेट : दैनिक जागरण, वाराणसी के संपादकीय प्रभारी राघवेंद्र चड्ढा के गांधी नगर स्थित घर पर सीबीआई का छापा पड़ा है. सीबीआई ने यह छापेमारी एनएचआरएम घोटाले के मामले में की है. सीबीआई की टीम घर में मौजूद कागजातों को खंगाल रही है. राघवेंद्र चड्ढा भी गांधीनगर स्थित अपने घर पर मौजूद हैं. सूत्रों का कहना है कि राघवेंद्र चड्ढा के भाई मानवेंद्र चड्ढा दवा सप्लायर हैं. इसी मामले में पिछले दिनों पूछताछ के दौरान उनके नाम का खुलासा हुआ था.
सूत्रों का कहना है कि एनएचआरएम घोटाले में पिछले दिनों सीबीआई टीम के जांच-पड़ताल के दौरान मानवेंद्र चड्ढा का नाम सामने आया था. बताया जा रहा है कि इससे पहले भी मानवेंद्र से सीबीआई टीम ने कुछ पूछताछ की थी. सूत्र बताते हैं कि यह छापेमारी इस लिए की गई है क्योंकि जांच के दौरान यह सामने आया था कि मानवेंद्र की फर्म के नाम पर कई लाख रुपये आबंटित कर दिए गए थे, परन्तु दवा की सप्लाई नहीं की गई थी. यानी कागजातों पर ही खरीद-बिक्री कर ली गई थी. सीबीआई टीम पूछताछ कर रही है तथा कागजातों को खंगाल रही है.
बताया जा रहा है कि संयुक्त परिवार में रहने वाले दैनिक जागरण के संपादकीय प्रभारी राघवेंद्र चड्ढा की हनक के चलते ही उनके भाई को वाराणसी तथा आसपास के कई जिलों में सरकारी अस्पतालों में दवा आपूर्ति का ठेका मिलता रहा है. इस परिवार ने पिछले कुछ ही समय में अकूत संम्पत्ति इकट्ठा की है. एनएचआरएम मामले में छापेमारी के बाद अब इन संपत्तियों की भी जांच किए जाने की संभावना है. कहा जा रहा है कि कुछ और स्थानों पर भी सीबीआई टीम छापेमारी कर सकती है. कई और बड़े तथा सफेदपोश नामों के सामने आने की आशंका है.
उल्लेखनीय है कि एनएचआरएम घोटाले में सीबीआई टीम ने बनारस, गोरखपुर समेत देश भर के लगभग तीन दर्जन से ज्यादा स्थानों पर एक साथ छापेमारी की है. इस संदर्भ में पूछे जाने पर दैनिक जागरण के संपादकीय प्रभारी राघवेंद्र चड्ढा ने कहा कि सीबीआई ने छापेमारी नहीं की है, बल्कि इंट्रोगेट कर रही है. पिछले दिनों जांच के दौरान छोटे भाई का कुछ लोगों ने नाम लिया था, उसी संदर्भ में पूछताछ हो रही है, छापेमारी जैसी कोई बात नहीं है.
अभी-अभी खबर मिली है कि सीबीआई टीम जांच के बाद चली गई है. बताया जा रहा है कि वह अपने साथ कई कागजात भी ले गई है. सीबीआई टीम राघवेंद्र चड्ढा के होटल के मैनेजर को भी अपने साथ ले गई है. पहले मानवेंद्र को साथ ले जाने की खबर आई थी, जो सही नहीं थी. अब यह पता नहीं चल पाया है कि मैनेजर को पूछताछ के लिए ले जाया गया है या फिर गिरफ्तारी की गई है.






