शंभूनाथ शुक्ल : NDTV की चुनाव रिपोर्टिंग देखकर लगता है काश अब मैं एक रिपोर्टर होता तो ऐसी ही बेधड़क और बेबाक चुनाव रिपोर्टिंग करता जैसी कि एनडीटीवी में हो रही है। अगर कोई चमत्कार हो जाए और मुझे इस उम्र में रिपोर्टिंग करनी पड़ी तो मैं एनडीटीवी से शुरू करूं।
जनसत्ता में 1984 से 1998 तक मुझे हर चुनाव में टीएन शेषन बना दिया जाता। कोई भी चुनाव हो प्रभाष जी मुझे चुनाव प्रभारी बना देते। कोई भी खबर किसी भी पेज पर जाए मेरी नजर से होकर ही जाती थी। तब मजा आता था। कोई पेड न्यूज का जमाना नहीं था लेकिन जो जनसत्ता कह देता लोग उसी आधार पर वोट कर आते। Hemant Sharma अदभुत रिपोर्टिंग करते। यह अलग बात है कि उनकी अपनी निष्ठा भाजपा के साथ थी लेकिन उन्होंने कभी भेदभाव नहीं किया। यही कारण था कि मायावती, मुलायम सिंह, बेनी प्रसाद वर्मा रहे हों या अटल जी अथवा कांग्रेसी किसी ने भी उनकी रिपोर्टिंग पर अंगुली नहीं उठाई।
Sheetal P Singh : 'सूत्रों' के नाम पर मीडिया ज़माने से गढंत पेश करता रहा है। वह मालिकों द्वारा निर्देशित, संपादक की विचारधारा के अनुसार या paid news वाले कोटे में समाचार गढ़ता रहा है। India news ने अभी अभी बताया "गोरखपुर बार्डर पर पकड़े दोनों आतंकवादी मोदी राहुल और केजरीवाल पर आतंकी हमला करने आये थे" सूत्रों के अनुसार। इसके पहले पकड़े गये आतंकियों पर अकेले मोदी की हत्या की प्लानिंग की ख़बर चली थी, सूत्रों के अनुसार। इसकी आलोचना हुई कि सूत्र मोदी का ही नाम लेते हैं? अब सूत्रों ने अपने को बैलेंस कर लिया है।
वरिष्ठ पत्रकार शंभूनाथ शुक्ला और शीतल पी. सिंह के फेसबुक वॉल से.






