सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. नूतन ठाकुर ने एसएसपी वाराणसी अजय कुमार द्वारा अपने अधीनस्थ कार्यरत एएसपी यातायात गोपेश कुमार खन्ना के उत्पीड़न किये जाने के मामले में डीजीपी यूपी देवराज नगर को पत्र लिख कर तीन दिनों में डीजी या एडीजी स्तर के अधिकारी से जांच कराये जाने की मांग की है.
डॉ ठाकुर के अनुसार एसएसपी ने जिला पुलिस स्थापना बोर्ड की संस्तुति के बिना ही यातायात पुलिस में सेवारत 15 सिपाहियों के तबादले आर्म्स पुलिस में कर दिया जो न सिर्फ शासनादेश का उल्लंघन है बल्कि चूँकि यह शासनादेश सुप्रीम कोर्ट के आदेशों पर निर्गत हुआ है, अतः सुप्रीम कोर्ट की अवमानना भी है.
इसके बाद एएसपी गोपेश खन्ना द्वारा पुरानी तिथि में बोर्ड की संस्तुति पर हस्ताक्षर करने से मना करने पर उनके गनर,फौलोवर, सरकारी गाडी वापस लेकर उन्हें उत्पीडित भी किया. श्री खन्ना द्वारा आईजी वाराणसी जी एल मीणा को छह दिन पहले लिखित शिकायत के बाद भी आज तक कोई कार्यवाही नहीं हुई.
अतः डॉ ठाकुर ने इसे मानवाधिकार उल्लंघन और भ्रष्ट आचरण बताते हुए इस पूरे प्रकरण की तीन दिवस में जांच कराने और दोषी पाए जाने पर कठोरतम अनुशासनात्मक एवं दांडिक कार्यवाही करने की मांग की है.






