: नौकर चुरा ले गए संपादक जी के घर का माल : जो करना चाहिए था, वो तो उन्होंने किया नहीं और जो नहीं करना चाहिए था, वो कर बैठे। मामला राजस्थान के एक पुराने दैनिक अखबार के संपादक-प्रकाशक का है। पिछले दिनों उनके घर में चोरी हो गई। चोरी भी कोई छोटी-मोटी नहीं बल्कि लाखों में। चर्चा के मुताबिक 35-40 लाख रुपए की। चोर भी अनजान नहीं थे। घर के नौकर ही थे। इन विश्वासपात्रों ने घर की हर तिजोरी-आलमारी-संदूक की डुप्लीकेट चाबियां बनवाई और सामान निकालकर चलते बने।
पता लगते ही सबकी क्लास लगाई गई। पुलिस की मदद ली गई, मुकदमे के लिए नहीं, बगैर मुकदमा दर्ज किए, राठौड़ी में माल निकलवाने के लिए। पुलिस ने मारपीट के बाद करीब चैथाई माल बरामद करवा दिया। बगैर मुकदमे के इससे ज्यादा पुलिस कुछ भी कर भी नहीं सकती थी। सब अपने गांव भाग गए, रोज उनकी तलाश में गांवों की खाक भी नहीं छानी जा सकती।
छोटे से छोटे बिल में भी कटौती करने के आदी इन संपादक-प्रकाशक जी की क्या हालत हो रही है, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उन्होंने घर के सभी नौकर हटा दिए हैं। बडे़ बंगले का सारा काम अब उनके और उनकी धर्मपत्नी जी के जिम्मे हैं। बताया जाता है कि उनके यहां नौकरों ने हाथ की यह सफाई पहली बार नहीं दिखाई, पहले भी दो-तीन दफा ऐसा हो चुका है, परंतु डुप्लीकेट चाबी बनाकर चोट पहली बार पहुंचाई गई है।
अजमेर के पत्रकार और वकील राजेंद्र हाड़ा की रिपोर्ट. राजेंद्र जी से संपर्क 09549155160 या 09829270160 के जरिए किया जा सकता है.





