Connect with us

Hi, what are you looking for?

No. 1 Indian Media News PortalNo. 1 Indian Media News Portal

सुख-दुख...

कथाकार स्‍वयं प्रकाश को भवभूति अलंकरण

भोपाल : सुप्रसिद्ध कथाकार और प्रगतिशील लेखक संघ की मुख पत्रिका वसुधा के सम्पादक स्वयं प्रकाश को मध्य प्रदेश साहित्य सम्मलेन के प्रतिष्ठित भवभूति अलंकरण देने की घोषणा की गई है. साहित्य को अपने समग्र अवदान के लिए प्रतिवर्ष देश के किसी वरिष्ठ लेखक को यह सम्मान दिया जाता है. आगामी २२ जनवरी को आयोजित एक समारोह में भवभूति अलंकरण के साथ मध्य प्रदेश के दो लेखकों को वागीश्वरी अलंकरण भी दिए जायेंगे. इस वर्ष कहानी कृति के लिए स्वाति तिवारी को तथा आलोचना के लिए महेंद्र सिंह को यह अलंकरण दिए जा रहे हैं.

भोपाल : सुप्रसिद्ध कथाकार और प्रगतिशील लेखक संघ की मुख पत्रिका वसुधा के सम्पादक स्वयं प्रकाश को मध्य प्रदेश साहित्य सम्मलेन के प्रतिष्ठित भवभूति अलंकरण देने की घोषणा की गई है. साहित्य को अपने समग्र अवदान के लिए प्रतिवर्ष देश के किसी वरिष्ठ लेखक को यह सम्मान दिया जाता है. आगामी २२ जनवरी को आयोजित एक समारोह में भवभूति अलंकरण के साथ मध्य प्रदेश के दो लेखकों को वागीश्वरी अलंकरण भी दिए जायेंगे. इस वर्ष कहानी कृति के लिए स्वाति तिवारी को तथा आलोचना के लिए महेंद्र सिंह को यह अलंकरण दिए जा रहे हैं.

मध्य प्रदेश साहित्य सम्मलेन के महामंत्री राजेंद्र शर्मा ने एक विज्ञप्ति जारी कर बताया कि छतीसगढ़ के महामहिम राज्यपाल श्री शेखर दत्त ये अलंकरण प्रदान करेंगे. राजेन्द्र शर्मा ने बताया कि स्वयं प्रकाश हमारे समय के प्रतिनिधि कथाकार हैं, जिनका लेखन प्रेमचंद और अमरकांत की प्रगतिशील कथा परम्परा को आगे ले जाता है. स्वयं प्रकाश के पांच उपन्यास तथा एक दर्जन से अधिक कहानी संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं. इनके अलावा भी नाटक, रेखाचित्र, अनुवाद और अन्य विधाओं में उनकी पुस्तकें प्रकाशित हुईं हैं. अपने वैज्ञानिक दृष्टिकोण और सघन अनुभव के कारण हिन्दी के बड़े पाठक समुदाय में उन्होंने व्यापक विश्वसनीयता अर्जित की है. हाल के दिनों में आया उनका उपन्यास 'ईंधन' भूमंडलीकरण की व्यापक परिघटना से हो रहे सामाजिक बदलावों पर हिन्दी की चुनिन्दा कृतियों में है. राजस्थान के चित्तौड़गढ़ से सेवानिवृत होकर अब वे भोपाल में स्थायी निवास बना चुके हैं.

शर्मा ने बताया कि प्रदेश स्तर पर दिए जाने वाले वागीश्वरी अलंकरण के लिए इस साल स्त्री कथा लेखन में सार्थक योग देने वाली कथाकार स्वाति तिवारी को दिया जा रहा है. तिवारी की दस कथा कृतियाँ प्रकशित हुईं हैं. वहीं युवा आलोचक महेंद्र सिंह को उनकी आलोचना के लिए यह अलंकरण दिया जा रहा है.

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

… अपनी भड़ास [email protected] पर मेल करें … भड़ास को चंदा देकर इसके संचालन में मदद करने के लिए यहां पढ़ें-  Donate Bhadas … मोबाइल पर भड़ासी खबरें पाने के लिए प्ले स्टोर से Telegram एप्प इंस्टाल करने के बाद यहां क्लिक करें : https://t.me/BhadasMedia  …

Advertisement

You May Also Like

विविध

Arvind Kumar Singh : सुल्ताना डाकू…बीती सदी के शुरूआती सालों का देश का सबसे खतरनाक डाकू, जिससे अंग्रेजी सरकार हिल गयी थी…

विविध

: काशी की नामचीन डाक्टर की दिल दहला देने वाली शैतानी करतूत : पिछले दिनों 17 जून की शाम टीवी चैनल IBN7 पर सिटिजन...

विविध

पहली बार चुनाव हमने 1967 में देखा था. तेरह साल की उम्र में. और अब पहली बार ऐसा चुनाव देख रहे हैं, जो इससे...

विविध

राजस्थान, कांग्रेस और सेक्स. ये तीन शब्द लगता है आपस में अच्छे से घुल मिल गए हैं. भंवरी कांड में ये तीनों शब्द जुड़े...