: अदम गोण्डवी की हालत में सुधार : जनसंदेश टाइम्स का सराहनीय पहल, सहयोग की अपील की : जनकवि रामनाथ सिंह उर्फ अदम गोंडवी की हालत में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है। अपनी गजलों व शायरी से आम जन में नई स्फूर्ति व चेतना भर देने वाले अदम संजय गाँधी आयुर्विज्ञान संस्थान, पीजीआई लखनऊ के गेस्ट्रोलॉजी विभाग, जी ब्लॉक, बेड न. 3 में भर्ती हैं और अपने जीवन के लिए मौत से पंजे लड़ा रहे हैं। उनकी चेतना जब भी वापस आती है, वे अपने भतीजे दिलीप कुमार सिंह को सख्त हिदायत देते हैं कि मेरे इलाज के लिए सहयोग के लिए अपनी तरफ से न कहो।
जैसे कहना चाहते हैं कि सारी जिंदगी संघर्ष किया है, अपनी बीमारी से भी वैसे ही लड़ेंगे। उसे भी परास्त करेंगे। वे आंख खोलते हैं और चारों तरफ अपने साथियों को पाते हैं। उनके चेहरे पर नई चमक सी आ जाती है। एक साथी उन्हें सुनाते है ‘काजू भुनी प्लेट में ह्विस्की ग्लास में/उतरा है रामराज विधायक निवास में’ और अदम अपना सारा दर्द पी जाते हैं और उनके चेहरे पर हल्की सी मुस्कान फैल जाती है। अदम गोंडवी का लीवर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है। किडनी भी ठीक से काम नहीं कर रही है। पेट फूला हुआ है। मुँह से पानी का घूँट भी ले पाना उनके लिए संभव नहीं है। खून में हीमोग्लोबीन का स्तर भी नीचे आ गया है। कल रात तीन बोतल खून चढ़ाया गया। संभव है आगे उन्हें दो बोतल खून और चढ़ाना पड़े। अदम की इन्डोस्कोपी हुई तथा कई जाँचें की गई। इनकी रिपोर्ट आने के बाद आगे के इलाज की दिशा तय होगी। पीजीआई के डाक्टरों का कहना है कि अदम गोंडवी के इलाज में करीब तीन लाख रुपये के आसपास खर्च आयेगा।
‘जनसंदेश टाइम्स’ में उनकी बीमारी की खबर तथा सहयोग की अपील का अच्छा असर देखने में आया है। मंगलवार सुबह से ही लेखकों, संस्कृतिकर्मियों का पीजीआई आना शुरू हो गया। कई संगठन और व्यक्ति भी सहयोग के लिए सामने आये। लखनऊ के बाहर से सहयोग के लिए फोन आ रहे हैं। जो किसी कारणवश नहीं पहुँच पाये, वे भी लगातार हालचाल पूछते रहे। पहुँचने वालों में
वीरेन्द्र यादव, प्रो रमेश दीक्षित, राकेश, भगवान स्वरूप कटियार, आर के सिन्हा, श्याम अंकुरम, आदियोग, संजीव सिन्हा, पी सी तिवारी, रामकिशोर आदि प्रमुख थे।
अदम गोंडवी के इलाज के लिए सहयोग जुटाने के मकसद से कई संगठन सक्रिय हो गये हैं। जसम, प्रलेस, जलेस, कलम, आवाज, ज्ञान विज्ञान समिति आदि संगठनों की ओर से राज्यपाल व मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा गया तथा उनसे माँग की गई कि अदम गोंडवी के इलाज का सारा खर्च प्रदेश सरकार उठाये। ऐसा ही ज्ञापन उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान और भाषा संस्थान को भी भेजा गया है। लेखक संगठनों का कहना है कि अदम गोंडवी ने सारी जिंदगी जनता की कविताएँ लिखीं, जन संघर्षों को वाणी दी। ये हमारे समाज और प्रदेश की धरोहर हैं। इनका जीवन बचाना सरकार की नैतिक जिम्मेदारी है। वह आगे आये। रचना व साहित्य के लिए बनी सरकारी संस्थाओं का भी यही दायित्व है।
ज्ञात हो कि सोमवार को अदम गोंडवी को गोंडा से लखनऊ के पीजीआई में लाया गया था। उनकी हालत काफी गंभीर थी। वे नीम बेहोशी की हालत में थे। कई घंटे वे भर्ती हुए बिना इलाज के पड़े रहे। इससे उनकी हालत और भी खराब होती गई। बाद में पीजीआई की इमरजेन्सी में भर्ती हुए। सबसे बड़ी दिक्कत पैसे की थी। परिवार के पास इलाज के लिए पैसे नहीं थे। सबसे पहले मुलायम सिंह यादव का सहयोग सामने आया। उन्होंने पचास हजार का सहयोग दिया। एडीएम, मनकापुर ने दस हजार का सहयोग दिया। गोंडा में जिस प्राइवेट नर्सिंग होम में उनका इलाज चला, वहाँ के डाक्टर राजेश कुमार पांडेय ने बारह हजार का सहयोग दिया।
इलाज से इतना फर्क आया है कि सोमवार को जहाँ वे नीम बेहोशी में थे, मंगलवार वे लोगों को पहचान रहे हैं तथा थोड़ी़-बहुत बातचीत भी कर रहे हैं लेकिन अदम गोंडवी का यह इलाज लम्बा चलेगा। इसमें अच्छे खासे धन की जरूरत होगी। इसके लिए सभी को जुटना होगा। उस समाज को तो जरूर ही आगे आना होगा, जिसके लिए अदम गोंडवी ने सारी जिंदगी संघर्ष किया। कहते हैं बूँद बूद से घड़ा भरता है। लोगों का छोटा सहयोग भी इस मौके पर बड़ा मायने रखता है। वे सहयोग के लिए आगे आ सकते हैं। इस सहयोग से हम अपने कवि का जीवन बचा सकते हैं। सहयोग के लिए सम्पर्क है, दिलीप कुमार सिंह 09958253708 तथा सीधे अदम गोंडवी के एकाउंट में भी धन जमा किया जा सकता है। एकाउंट नम्बर है: अदम गोंडवी 31095622283 ; स्टेट बैंक आफ इण्डिया, परसपुर ब्रांच।
लेखक कौशल किशोर का यह लेख जनसंदेश टाइम्स में प्रकाशित हो चुका है. वहीं से साभार लेकर प्रकाशित किया गया है.






