यूपी कैडर आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर ने फिल्म अभिनेता कमाल आर खान द्वारा राँझना फिल्म की रिव्यू में दो अनुसूचित जातियों के प्रति अत्यंत ही निंदनीय आपराधिक टिप्पणी पर आज सीजेएम लखनऊ, प्रमोद कुमार के सामने प्रार्थनापत्र दिया. सीजेएम ने वीडियो के सम्बन्ध में कुछ बिंदुओं पर स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश देते हुए 12 जुलाई को अगली सुनवाई के आदेश दिये हैं.
20 जून 2013 को यूट्यूब पर लोड हुए 9.40 मिनट के इस वीडियो रिव्यू पर कमाल खान ने फिल्म के हीरो धनुष के लिए अत्यंत ही अमर्यादित टिप्पणियाँ तो की ही गयी हैं, साथ ही यह भी कहा है- “सर, पता नहीं आप यूपी से हैं या नहीं है, पर मैं यूपी से हूँ. पूरे यूपी में जैसा धनुष है वैसे आपको #@$ मिलेंगे, #$^@ मिलेंगे, (दो अनुसूचित जाति) पर एक भी इतना सड़ा हुआ पंडित आपको पूरे यूपी में कहीं नहीं मिलेगा.”
ठाकुर के अनुसार कमाल आर खान की यह टिप्पणी सीधे-सीधे जातिसूचक है और अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम 1989 की धारा 3(1)(x) के अंतर्गत अपराध है. ठाकुर ने एफआईआर दर्ज करने के लिए थाना गोमतीनगर और एसएसपी लखनऊ को प्रार्थनापत्र दिया था और वहाँ पर कार्यवाही नहीं होने पर सीजेएम को आवेदन किया है.






