Zafar Irshad : कसम खायी थी कि सचिन पर कुछ नहीं लिखेंगे..न ही किसी कि पोस्ट पर कमेंट करेंगे, लेकिन कल रात 10 बजे आज तक न्यूज़ चैनल पर सचिन और देश की साख देख कर लिखने पर मजबूर होना पड़ा..आधे घंटे में पुण्य प्रसून जी यह समझाते रहे कि पिछले 24 साल में जो देश की साख बनी है, वो सचिन की वजह से बनी है, वरना तो देश के नेताओं ने तो देश को गर्त में धकेल दिया था… दुनिया में हम आज जो मुंह दिखाने लायक है, वो सचिन की वजह से है…
मेरे यह बातें कुछ हज़म नहीं हुई… माना कि क्रिकेट में सचिन का योगदान है, लेकिन 24 सालों में देश में और कुछ नहीं हुआ, ज़रा मानना मुश्किल है.. देश परमाणु संपन्न राष्ट्र बना क्या सचिन कि वजह से.?. आज हम कंप्यूटर और इंटरनेट और कई मामलों में कई देशों से कहीं आगे है, हमारे देश के इंजीनियर डॉक्टर पूरी दुनिया में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे है, क्या वो भी सचिन की वजह से हैं.?.. आज हम खेती में नयी तकनीक विकसित कर रहे है, देश में जगह जगह विकास की झड़ी लगी है, हमारे वैज्ञानिक मंगल गृह पर अपना झंडा फैरा रहे है, वो भी क्या सचिन की वजह से..?..भाइ लोगों, सचिन आपके लिए भगवान होंगे…लेकिन पूरे देश के लिए कतई नहीं…
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Zafar Irshad : कुछ चैनल के एंकर तो आज भगवान के जाने पर ऐसे न्यूज़ पढ़ रहे थे, जैसे अब बस वो रो ही देंगे… ऐसा लगता है की आज भगवान रिटायर नहीं हुए है, बल्कि वो चल बसे है…एक चैनल तो यह गाना बजा रहा था " रो रहा हूँ मैं जा रहे थे तुम " क्या अहमकाना अंदाज़ है…सभी चैनल एक ही रंग में रंगे हैं, कोई बिना भारत रत्न मिले भारत रत्न कह कर पुकार रहा है, कोई कांबली कि बेसुरी आवाज़ में अलविदाई गीत सुना रहा है…दिल चाह रहा था टीवी तोड़ दू बहुत ज़्यादा हो गया…भाई कल सहवाग–ज़हीर–हरभजन जैसे क्रिकेटरों को बोर्ड ने बाहर का रास्ता दिखा दिया…कोई चैनल नहीं बोला, क्या इन खिलाडियों का क्रिकेट में कोई योगदान नहीं है…अरे यार मैं आप लोगो के क्रिकेट के भगवान के खिलाफ नहीं हूँ, लेकिन हर चीज़ की एक सीमा होती है हद होती है…
पीटीआई, कानपुर में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार जफर इरशाद के फेसबुक वॉल से.






