प्रेस काउंसिल के चेयरमैन जस्टिस मरकडेय काटजू ने टाइम्स नाऊ चैनल के मामले में सुप्रीम कोर्ट और बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेशों को गलत बताया और उन पर पुनर्विचार का आग्रह किया है। कल प्रेस दिवस के मौके पर बुधवार को एक सेमिनार में उन्होंने कहा कि इन दोनों आदेशों के प्रति पूरा सम्मान रखते हुए मेरा मत है कि ये गलत हैं और इन पर फिर से विचार की जरूरत है।
सुप्रीम कोर्ट ने हाल में अदालत की अवमानना के मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश में किसी तरह का हस्तक्षेप से इनकार कर दिया है। बॉम्बे हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस पीबी सावंत को 100 करोड़ रुपए की क्षतिपूर्ति देने के ट्रायल कोर्ट के आदेश के खिलाफ अपील की सुनवाई के पूर्व टाइम्स नाउ चैनल से 20 करोड़ रुपए नकद और 80 करोड़ रुपए की बैंक गारंटी देने का आदेश दिया है।
जस्टिस काटजू ने कहा कि चैनल से अनजाने में हुई गलती मानवीय चूक है और यह तकनीकी के कारण हुआ और ऐसा प्रतीत नहीं होता कि इसके पीछे कोई दुर्भावना थी। उन्होंने कहा, हम सभी इंसान हैं और हम सभी से गलती होती है। मेरी राय में उपयुक्त यही होता कि टीवी चैनल को कड़ी चेतावनी दे दी जाती कि भविष्य में सावधानी बरते। जस्टिस काटजू ने कहा कि 100 करोड़ रुपए का जुर्माना अपराध के मुकाबले बहुत ज्यादा गैर आनुपातिक है। इसके लिए चैनल ने कई बार माफी भी मांगी है। चैनल ने गाजियाबाद प्राविडेंट फंड घोटाले के सिलसिले में जस्टिस पीके सामंत की जगह पीबी सावंत की फोटो दिखा कर गलती की थी। जस्टिस काटजू ने कहा, ‘टाइम्स नाउ चैनल के मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के संबंध में मेरा एक बयान है। इन आदेशों के प्रति पूरे सम्मान के साथ मेरा मानना है कि वे गलत हैं और पुनर्विचार किए जाने की आवश्यकता है।’
(एजेंसी के हवाले से अमर उजाला में प्रकाशित खबर)






