कानपुर बेस्ड कार्टूनिस्ट असीम त्रिवेदी की एक वेबसाइट को मुम्बई पुलिस की क्राइम ब्रान्च ने बैन कर दिया है. मामले को सांसद रामकृपाल यादव ने राज्य सभा में भी उठाया है. IBN-7 की एक डिबेट में कम से कम 20 मिनट तक टीम अन्ना के संजय साथ उन्होने जमकर बहस की है और कहा है कि अगर कार्टूनिस्ट पर कार्यवाही न हुई तो वे इस मुद्दे को जनता के बीच ले जाएंगे.
कार्टूनिस्ट असीम ने करप्शन को टारगेट करती हुई एक वेबसाइट www.cartoonsagainstcorruption.com बनाई थी और अपने कार्टूनों का बैनर वे मुम्बई में अन्ना हजारे मूवमेंट में भी ले गये थे. वहां उनके कार्टूनों को टीवी और न्यूजपेपर्स में दिखाया गया था और अनशन स्थल पर भी लोगों के बीच इन कार्टूनों ने जमकर पापुलैरिटी बटोरी थी.
सामना अखबार ने भी असीम के कार्टूनों को अपनी मेन हेडलाइन बनाते हुए इसे राष्ट्र का अपमान बताया है. सामना ने इन कार्टूनों के जरिये टीम अन्ना पर निशाना साधा है और लिखा है- “अन्ना अनशन की नौटंकी के बीच एक वेबसाइट पर अपलोड किये गए राष्ट्र विरोधी कार्टूनों से आहत होकर वकील राजेन्द्र कुमार पांडेय ने लिखित शिकायत दर्ज कराई है. सामना अखबार के मुताबिक यह शिकायत मुम्बई के समता नगर पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई गई है”.
मुम्बई के ही एक वकील राजेन्द्र कुमार पांडेय ने एक मराठी अखबार ‘प्रहार’ और अंग्रजी अखबार ‘हिन्दुस्तान टाइम्स’ के मुम्बई एडीशन में अनशन की तस्वीरें देखकर इसकी मुम्बई पुलिस के शिकायत कर दी. उनका कहना है कि कार्टूनिस्ट ने अपने कार्टूनों के जरिए देश की भावनाओं को ठेस पहुचाई है. उनकी शिकायत पर मुम्बई पुलिस ने एक्शन लेते हुए साइट को ही बैन कर दिया.

कार्टूनिस्ट असीम इस पर बताते हैं कि उन्हे कोई पूर्व सूचना नहीं दी गई. “मैं अनशन स्थल पर मौजूद था और मेरे दोस्तों ने फोन करके बताया कि मेरी वेबसाइट काम नहीं कर रही है. चेक करने पर पता चला कि इसे क्राइम ब्रान्च की शिकायत पर बैन किया गया है. मैंने तुरन्त ही सारे कार्टून एक ब्लाग www. cartoonsagainstcorruption.com पर ट्रांसफर कर दिये”.
शिकायतकर्ता वकील ने अपनी कंप्लेन में लिखा है कि कार्टून पार्लियामेंट और नेशनल सिंबल्स का अपमान करते हैं इसलिये असीम के खिलाफ आईपीसी की धाराओं के अंतर्गत एफ आई आर दर्ज की जाए. कार्टूनिस्ट असीम से उनके मोबाइल 9336505530 पर संपर्क किया जा सकता है.






