इंडिया न्यूज नेशनल के कर्मियों को तो दिवाली बोनस के नाम पर साढ़े पांच हजार रुपये सभी को दिए गए लेकिन इंडिया न्यूज रीजनल चैनलों के कर्मियों को एक पैसा तक नहीं दिया गया. इससे रीजनल न्यूज चैनल में काम करने वाले मीडियाकर्मी खासे ख़फा हैं. इनका कहना है कि आखिर चैनल के मालिक कार्तिक शर्मा और संपादक दीपक चौरसिया ने ये भेदभाव क्यों किया, क्या इसलिए कि नेशनल चैनल की टीआरपी अच्छी आ रही है और रीजनल की नहीं आ रही है?
यहां तक कि इंडिया न्यूज मध्य प्रदेश छत्तीसगढ़ चैनल के लोगों को भी बोनस नहीं दिया गया जिसका नेतृत्व दीपक चौरसिया की बहन करती हैं. एक ही मीडिया हाउस में काम करने वाले कर्मियों के साथ दो अलग अलग तरह का व्यवहार लोगों के समझ से परे है. यहां काम करने वालों का कहना है कि या तो सभी को बोनस देना चाहिए था या फिर किसी को नहीं. नेशनल के लोगों को साढ़े पांच हजार और रीजनल वालों को एक पैसा भी न देने की नीति से जाहिर हो गया है कि इस चैनल के मालिक और संपादक, दोनों का कोई दीन धर्म नहीं है. ये लोग सामंतों की तरह व्यवहार करते हैं. इनका रवैया पूरी तरह अनप्रोफेशनल है.
एक मीडियाकर्मी द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित. अगर उपरोक्त कहानी के तथ्यों में कोई कमी-बेसी नजर आए तो भड़ास को [email protected] पर मेल करके सूचित करें.






