Mayank Saxena : बार बार कोशिश कर रहा हूं लेकिन अमिताभ के कुत्ते की मौत (सॉरी निधन) के सदमे से उबर नहीं पा रहा हूं…घर लौटते वक्त पीछे से कुत्तों ने दौड़ाया तो लगा कि वही पुकार रहा है…एक बार तो लगा कि बाइक रोक कर खुद को कटवा ही लूं…लेकिन तब तक उनका इलाका निकल गया, वो फिर से कुत्ते बन गए…
घर आया तो गली में हर कुत्ते की आंख में आंसू दिखाई दे रहे थे…लगा कि बस सिर हाथ फेरते ही गले लग के फूट फूट के रोने लगेंगे…बैकग्राउंड में लगा कि अचानक तेरी मेहरबानियां गाना बज उठा है…घर में घुसा तो महसूस किया कि आज कोई कुत्ता भौंक नही रहा है…
सुना है दोपहर से सलमान के कुत्तों ने कुछ नहीं खाया है…संजू बाबा ने तो जेल अधिकारियों से अमिताभ के कुत्ते की शवयात्रा में शामिल होने के लिए पेरोल भी मांगी थी…जेल अधिकारी भी भावुक थे, लेकिन नियमों के आगे बेबस थे…महेश भट्ट बहुत दुखी थे और जस्टिस काटजू कुत्ते के नाम पर विशेष पुरस्कार शुरू करने की मांग करने वाले हैं…श्वान श्री, श्वान भूषण और श्वान विभूषण नाम से…
रामगोपाल वर्मा ने अपनी नई फिल्म तेरी कितनी मेहरबानियां का एलान कर दिया है…सपा सरकार संभवतः कल तक उसकी याद में सैफई में एक विशाल स्नानागार बनवा सकती है, जहां गर्मियों में प्रदेश भर के कुत्तों को एसी में स्पेशल बाथ और मसाज मुहैया कराया जाएगा…
ख़ैर इससे मेरा दुख तो कम नहीं होगा…किसी ने सलाह दी है कि कल के अखबार में इसी ख़बर के ऊपर समोसा रख कर खाने से कुछ आराम मिलेगा…आप भी आराम की दवा कीजिए…होनी और धोनी पर किसका बस है…अमिताभ के कुत्ते का देहावसान समूची इंसानियत की क्षति है…एक युग का अंत है…
यह व्यंग्य पत्रकार मयंक सक्सेना के फेसबुक वॉल से लेकर यहां प्रकाशित किया गया है.





