साथियों नमस्कार, आप सभी जानते हैं कि शाहदरा बार एसोसिएशन के वर्तमान चुनावों में मैं ज्वाइंट सेक्रेटरी के पद का उम्मीदवार था। 1 अक्टूबर को जो हुआ, वह शाहदरा बार एसोसिएशन के इतिहास का काले धब्बे के रूप में जाना जाएगा। इसकी सारी जिम्मेदारी चुनाव समिति (गड़बड़ समिति) के अध्यक्ष श्री सुरेन्द्र कुमार शर्मा की है। आप सभी जानते हैं कि गड़बड़ समिति के कुछ सदस्य अपने चहेतों के लिए वहां पर वोट मांग रहे थे। यानी की उम्मीदवार अपने प्रतिद्वंद्वी की बजाय गड़बड़ समिति के साथ चुनाव लड़ रहे थे। इस वजह से उस दिन वोटिंग को स्थगित करना पड़ा और गड़बड़ समिति के अध्यक्ष को हटाने के लिए 3 अक्टूबर को एक मीटिंग का आयोजन किया गया।
उस मीटिंग में भी तय किया गया कि गड़बड़ समिति के अध्यक्ष को बदला जाएगा। नियम के अनुसार, यदि ऐसा होता है तो चुनाव दोबारा नए सिरे से कराने होंगे। लेकिन कुछ साथी ऐसा नहीं चाहते थे। उन्हें डर था कि उन्होंने चुनाव के नाम पर जो लाखों रुपये खर्च किए हैं, वह बेकार हो जाएंगे। बार की प्रतिष्ठा की उन्हें कोई चिंता नहीं है। आप सभी साथियों को ध्यान होगा कि कई महीने पहले मैंने शाहदरा बार एसोसिएशन से लिखित में आग्रह किया था कि इस बार चुनाव इलैक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन से कराए जाएं। यदि ऐसा होता तो निष्पक्ष चुनाव परिणाम आ सकते थे। ऐसे में निजी स्वार्थ के लिए किसी को बेईमानी करने का मौका नहीं मिलता। इस वजह से सारी तैयारियों होते हुए भी गड़बड़ समिति ने इलैक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन से चुनाव कराने का प्रयास ही नहीं किया। इसकी सारी जिम्मेदारी गड़बड़ समिति के अध्यक्ष श्री सुरेन्द्र शर्मा की है। मेरी हमेशा से सही की लड़ाई रही है। केवल चुनाव जीतने के लिए मैं अपनी सिद्धांतों से समझौता नहीं करना चाहता।
मेरी मंशा किसी पर आरोप लगाने की नहीं है। लेकिन ऐसी परिस्थिति में उसी व्यक्ति के निर्देशन में मैं चुनाव लडऩे के लिए कतई तैयार नहीं हूं। साथ ही मैं घोषणा करता हूं कि गड़बड़ समिति अध्यक्ष के विरोध में इन चुनावों से अपना नाम वापस ले रहा हूं। मुझे चुनाव लडऩे में किसी तरह की कोई निजी समस्या नहीं है। साथियों मैं वादा करता हूं कि अपने चुनाव घोषणा पत्र के अनुसार, बार के सदस्यों के हित में अपनी लड़ाई जारी रखूंगा। उपभोक्ता फोरम को कडक़डड़ूमा में लाने और पिक्यूनरी ज्यूरिडक्शन 2 करोड़ किए जाने की अधिसूचना जल्द से जल्द जारी हो। यह मेरी प्राथमिकता होगी।
चुनावों के दौरान आपके कीमती समय को नष्ट करने के लिए मैं हृदय से क्षमाप्रार्थी हूं। मैने नाम वापस लेने का फैसला अपनी अंतरआत्मा की आवाज पर काफी सोच समझ कर और बिना किसी दबाव के लिया है। संभव है कि कुछ साथी मेरे फैसले से सहमत नहीं होंगे और यह कहेंगे कि शायद चुनाव हार रहा था, इसलिए नाम वापस ले रहा है। उनके लिए मैं बस इतना कहूंगा कि
'गिरने में भी मेरी हार नहीं, आदमी हूं अवतार नहीं'
पीयूष जैन
एडवोकेट
पूर्व प्रत्याशी, संयुक्त सचिव
शाहदरा बार एसोसिएशन
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