प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के मीडिया सलाहकार और वरिष्ठ पत्रकार पंकज पचौरी एक बार फिर चर्चा में हैं. ये चर्चा मीडिया में चल रहे 'भारत निर्माण' के विज्ञापन कैम्पेन को लेकर है. लोकसभा चुनाव नजदीक होने के कारण केंद्र सरकार की छवि को चमकाने वाले, ओवरहालिंग करने वाले विज्ञापनों पर एनडीटीवी के चर्चित चेहरे रहे वरिष्ठ पत्रकार पंकज पचौरी की छाप स्पष्ट दिख रही है.
सूत्रों का कहना है कि ये विज्ञापन पंकज पचौरी के निर्देशन में तैयार किए गए हैं जो बेहद सरल सहज हैं व देखते ही दिल दिमाग में उतर जाने वाले हैं. एनडीटीवी में लंबे समय तक रह चुके पंकज पचौरी के पीएम का मीडिया सलाहकार बनने के बाद से डीडी न्यूज चैनल में भी काफी बदलाव देखने को मिला है. इस चैनल का कायापलट हो चुका है. पचौरी ने इस उदास
से चैनल को इम्प्रूव कराकर इसे देखने लायक बनाया.
सूत्रों का कहना है कि पंकज पचौरी की सलाह पर मनीष तिवारी जैसे युवा व तेजतर्रार नेता को सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय का जिम्मा मिला. मनीष तिवारी के आई एंड बी मिनिस्टर बनने के बाद पंकज पचौरी ने प्रसार भारती के जरिए डीडी न्यूज समेत अन्य सरकारी न्यूज चैनलों को दुरुस्त कराया है. कांग्रेस और केंद्र सरकार ऐसे विज्ञापन की तैयारी लंबे समय से कर रही थी जिससे देश के आम जन को केंद्र सरकार के पाजिटिव काम तुरंत समझ में आ जाएं. ऐसे विज्ञापन कम्पेन के लिए पंकज पचौरी को जिम्मा दिया गया.
हिंदी भाषा और हिंदी बेल्ट वालों समेत देश के अन्य इलाकों के भी आम जन के मानस को भली-भांति समझने वाले पंकज पचौरी ने विज्ञापन कंपेन के एक्जाम में सफलता पा ली है. हालांकि अब इसका श्रेय कई लोग लेने पर उतारू हैं. इन विज्ञापनों में आक्रामकता भी दिख रही है. सरकार की उपलब्धियों को आम जनमानस तक पहुंचाने के लिए कंपेन के तहत कई विज्ञापन तैयार किए गए हैं. ये विज्ञापन न्यूज की तरह दिखाए जा रहे हैं. ऐसे विज्ञापनों की एक श्रृंखला तैयार की गई है. बताया जा रहा है कि ये विज्ञापन लोगों को पसंद भी आ रहे हैं. सूत्रों का कहना है कि सरकार की उपलब्धियों के विज्ञापन मनीष तिवारी और पंकज पचौरी की बेहतरीन ट्यूनिंग की देन बताई जा रही है.
एनडीटीवी के अलावा, बीबीसी, इंडिया टुडे, ऑब्जर्बर जैसे मीडिया संस्थानों के साथ काम कर चुके पचौरी की पत्रकारिता का अनुभव सरकारी की छवि सुधारने के प्रयास में भी दिख रहा है. सरकारी सूत्रों का कहना है कि सरकार के चेहरे को चमकाने वाले इन विज्ञापनों की कैम्पेन छह महीने तक जारी रहेगी. सरकार लोकसभा चुनावों के पहले तक इन विज्ञापनों के सहारे आम जन में खुद की छवि बेहतर बनाने के साथ आम आदमी की सरकार के रूप में दिखना चाहती है.
भारत निर्माण सीरिज के कुछ विज्ञापन यूं हैं…



अब देखना है कि पंकज पचौरी तथा मनीष तिवारी की जोड़ी के विज्ञापन कैम्पेन से सरकार को कितना लाभ पहुंचता है. हालांकि कुछ लोगों का कहना है कि अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली सरकार ने भी जोरशोर से इसी तरह के विज्ञापन कंपेन ''शाइनिंग इंडिया'' के नाम से चलाए थे लेकिन जनता ने कोई तवज्जो नहीं दिया. इसलिए यह कतई नहीं कहा जा सकता कि अच्छा विज्ञापन कंपेन सरकार की छवि सुधारने की गारंटी है. देखना है कि पंकज पचौरी निर्मित 'भारत निर्माण' विज्ञापन सिरीज से करप्शन में कसी-फंसी कांग्रेस की सेहत का कितना सकारात्मक निर्माण हो पाता है.





