नई दिल्ली : अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी मुसीबत में फंस गई है क्योंकि संपादकों की संस्था एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया ने उसके खिलाफ नोटिस जारी कर दिया है। गिल्ड ने कहा कि जो लोग मीडिया के बूते अपनी पहचान बनाने में सफल हुए हैं, आज वही इसके खिलाफ हो रहे हैं। केजरीवाल के अलावा गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के एक धड़े को कुचलने की चेतावनी देकर सनसनी फैला दी है। ऐसा महसूस होता है कि राजनेता मीडिया की ताकत को भूल गए हैं, जिनके बलबूते वह आज कुर्सी पर दिखाई दे रहे हैं।
अरविन्द केजरीवाल एवं पूर्व सेना प्रमुख जनरल वीके सिंह द्वारा मीडिया पर हमले की पृष्ठभूमि में एडीटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया ने नाराजगी जताते हुए सार्वजनिक हस्तियों द्वारा अपने क्रियाकलाप की कवरेज या अपनी आलोचना से असंतुष्ट होकर बिना प्रमाण वाले आरोप लगाये जाने पर आपत्ति जतायी। गिल्ड ने राजनीतिक नेताओं एवं सार्वजनिक हस्तियों से अपील की कि मीडिया की आलोचना, उस पर सवाल उठाते हुए या उसका खंडन करते समय वे भ्रष्ट इरादों का अस्पष्ट एवं प्रमाणहीन आरोप नहीं लगाये। साथ ही वे सार्वजनिक बहस को शालीन एवं तार्किक दायरे में बनाये रखें।
गिल्ड ने यहां एक बयान में कहा कि यह बात चिंता में डालने वाली है कि जनरल वीके सिंह जैसा व्यक्ति सरकार को चिंता में डालने वाली सेना यूनिटों की गतिविधियों के बारे में खबर लिखने वाले पत्रकारों के लिए प्रेस्टीच्यूटस शब्द का इस्तेमाल करता है। बयान में कहा गया कि भारतीय सेना के पूर्व प्रमुख से इस तरह की टिप्पणी की उम्मीद नहीं की जाती। गिल्ड ने कहा कि यह बात भी परेशान करने वाली है कि अरविन्द केजरीवाल ने उनकी आलोचना करने वाले मीडिया पर भ्रष्ट इरादे रखने का आरोप लगाया है।
उन्होंने मीडिया पर आरोप लगाया कि उस पर यह दबाव डाला जा रहा है कि केजरीवाल को नजरंदाज किया जाये। इन आरोपों को लगाते समय केजरीवाल ने इनके समर्थन में कोई विशिष्ट ब्यौरे या सामग्री मुहैया नहीं करायी। आम आदमी पार्टी के नेता एवं दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री केजरीवाल ने हरियाणा के रोहतक में एक रैली के दौरान मीडिया पर हमला बोला था।






