: केजरीवाल की पार्टी का एजेंडा जारी : कुमार विश्वास राजनीति नहीं करेंगे : अन्ना हजारे से अलग होकर राजनीति में प्रवेश करने वाले अरविंद केजरीवाल के समर्थकों और मीडियाकर्मियों के बीच आज सियासी दल के गठन के मुद्दे पर आयोजित कार्यक्रम में मामूली झडप हो गई जिसके बाद कई मीडियकर्मी मौके से वाकआउट कर गए. दरअसल, आज दिल्ली के कांस्टीट्यूशन क्लब में केजरीवाल और उनके साथियों ने राजनीतिक दल बनाने का आधिकारिक तौर पर ऐलान करने के लिए संवाददाता सम्मेलन बुलाया था. मंच के निकट से कुछ फोटोग्राफर तस्वीरें ले रहे थे और उसी वक्त केजरीवाल के कुछ समर्थकों ने उनके साथ बदसलूकी की. इस दौरान केजरीवाल समर्थकों ने नारेबाजी भी की. इस घटना के तत्काल बाद फोटोग्राफ आयोजन स्थल से चले गए. आयोजन स्थल पर करीब 500 केजरीवाल समर्थक मौजूद थे और उन्होंने ‘मैं हूं आम आदमी’ लिखी टोपियां पहन रखी थीं.
इस बीच, अरविंद केजरीवाल ने अपनी नई पार्टी का राजनैतिक एजेंडा जारी कर दिया है. केजरीवाल ने मनीष सिसोदिया, शांति भूषण, प्रशांत भूषण, योगेंद्र यादव और आनंद कुमार के साथ अपनी पार्टी के राजनैतिक एजेंडे को सार्वजनिक किया. नई पार्टी के नाम का ऐलान 26 नवंबर को किया जाएगा. कॉन्सटीट्यूशन क्लब में आयोजित कार्यक्रम में केजरीवाल और अन्य लोगों ने जो टोपी पहनी, उस पर लिखा था- ''मैं आम आदमी हूं, मुझे चाहिए जनलोकपाल''. इस बीच, अरविंद के अहम सहयोगी रहे कुमार विश्वास ने भी उनके राजनीतिक दल से खुद को अलग कर लिया है. कुमार विश्वास ने स्पष्ट कर दिया कि वे अरविंद केजरीवाल की राजनीतिक पार्टी का हिस्सा नहीं रहेंगे.
कुमार विश्वास ने कहा, 'मैं गैर राजनीतिक आदमी हूं, मूल रूप से कवि हूं और हमेशा सत्य बोलता रहा हूं, राजनीति का कोई भरोसा नहीं है इसलिए राजनीति मेरे लिए नहीं है. नया दल बन रहा है और यदि यह कुछ गलत करता है तो इसके खिलाफ भी जंतर-मंतर पर बैठने के लिए कोई बचना चाहिए.' कपिल सिब्बल के खिलाफ अरविंद केजरीवाल के चुनाव लडने संबंधी अन्ना हजारे के बयान के एक दिन बाद आज कुमार विश्वास ने कहा कि केंद्रीय मंत्री को कोई भी हरा देगा और इसके लिए केजरीवाल की जरुरत नहीं है. कपिल सिब्बल के खिलाफ चुनाव लड़ने पर केजरीवाल के समर्थन में प्रचार करने का ऐलान कर चुके अन्ना ने पहले ही कह दिया था कि केजरीवाल उनके नाम और फोटो का इस्तेमाल नहीं करें. शायद इसीलिए केजरीवाल ने टोपी पर नया नारा लिखवाया है. मंच पर केजरीवाल के अलावा उनके साथी प्रशांत भूषण, शांति भूषण, योगेंद्र यादव, प्रोफेसर आनंद कुमार, मनीष सिसोदिया, गोपाल राय और कुमार विश्वास मौजूद थे.





