: पूर्व कारागार मंत्री राकेश वर्मा सहित दस अज्ञात भी शामिल : बाराबंकी। नगर कोतवाली पुलिस ने कांग्रेसी नेता शिवशंकर शुक्ला द्वारा की गयी शिकायत के आधार पर केन्द्रीय इस्पात मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा व उनके पुत्र पूर्व मंत्री राकेश वर्मा सहित दस अज्ञात लोगों के खिलाफ मारपीट व जान से मार डालने की धमकी देने का मुकदमा दर्ज किया है। दर्ज मुकदमे के बाद पुलिस ने अपनी कार्यवाही को आगे बढ़ा दिया है। यह मुकदमा कप्तान बाराबंकी के आदेश के बाद दर्ज हो सका है।
मिली जानकारी के अनुसार बीते 21 नवम्बर को केन्द्रीय इस्पात मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा व उनके ही दल कांग्रेस के नेता शिवशंकर शुक्ला के बीच हुआ वाद-विवाद एवं धक्का-मुक्की का मामला अब पुलिस रिकार्डों तक पहुंच गया है। ज्ञात हो कि 21 नवम्बर को राज बब्बर व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रीता बहुगुणा जोशी की प्रेस वार्ता में बेनी वर्मा ने शिवशंकर शुक्ला को जहां जमकर अपमानित किया था वहीं उनके समर्थकों ने जबरन शुक्ला को मौके से बाहर खदेड़ना का प्रयास भी किया था। इसके बाद काफी हो-हल्ला भी हुआ था। आहत कांग्रेसी नेता व दरियाबाद विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी रहे शुक्ला ने इसके खिलाफ पुलिस कप्तान के पास जाकर लिखित शिकायत की थी। उन्होंने पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश को भी शिकायती पत्र भेज बेनी प्रसाद वर्मा व उनके पुत्र पूर्व कारागार मंत्री दरियाबाद कांग्रेस प्रत्याशी राकेश वर्मा तथा उनके समर्थकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज किये जाने की गुहार की थी। वादी नेता ने आरोप लगाया था कि बेनी वर्मा उनकी हत्या कराना चाहते हैं तथा उन्होंने आज उनके साथ बदसलूकी कर मारपीट तक की। साथ ही पुलिस महानिदेशक से यह भी गुहार की थी कि उन्हें तथा उनके परिवार को पूर्ण सुरक्षा दी जाये। इसके बाद कप्तान ने सोमवार को ही उनकी डाक्टरी भी करवायी थी। इसके बाद पुलिस ने मामला राहुल गांधी के कार्यक्रम को देखते हुए टाल दिया था।
शिवशंकर शुक्ला ने एक बार फिर कप्तान आरके भारद्वाज से मुलाकात की जिसके बाद गम्भीर हुए एसपी ने कोतवाली पुलिस नगर को मुकदमा दर्ज किये जाने के निर्देश दिये। एसपी का आदेश मिलते ही कोतवाली प्रभारी संतोष कुमार ने केन्द्रीय इस्पात मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा व उनके पुत्र राकेश वर्मा तथा दस अज्ञात लोगों के खिलाफ मारपीट व जान से मार देने की धमकी दिये जाने का मुकदमा दर्ज कर अपनी कार्यवाही प्रारम्भ कर दी है। जैसे ही सियासी हल्कों में यह खबर फैली कि बेनी के खिलाफ मुकदमा दर्ज हो गया इसे लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया। जबकि वादी शुक्ला ने इस पर कहा कि मुझे महसूस हो रहा है कि शायद हमें न्याय मिलेगा।
फिलहाल परिणाम कुछ भी हो मेरा संघर्ष अमीरी के इन्तकाम के आगे चलता रहेगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्षा श्रीमती सोनिया गांधी व युवा हृदय सम्राट राहुल गांधी हमारे नेता हैं मैं उनके नेतृत्व में दल की मजबूती के लिए पूरे समर्पण के साथ हमेशा काम करता रहूंगा। ज्ञात हो कि इससे पूर्व इलाहाबाद की घटना में केन्द्रीय जतिन प्रसाद व विधान मण्डल दल नेता प्रमोद तिवारी तथा नसीब पठान के खिलाफ भी ऐसा ही मुकदमा दर्ज हो चुका है। फिलहाल बेनी पुत्र सहित इसी श्रंखला में शामिल हो चुके हैं। जिसे लेकर अलग-अलग तरह के सियासी विश्लेषण किये जाने प्रारम्भ हैं।
रिजवान मुस्तफा की रिपोर्ट





