मुंबई : प्रतिभूति अपीलीय न्यायाधिकरण (सैट) भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के खिलाफ सहारा समूह की याचिका पर अगले महीने सुनवाई कर सकता है। सहारा समूह ने सुब्रत राय तथा समूह की दो अन्य कंपनियों और उनके शीर्ष कार्यकारियों के बैंक खातों और अन्य परिसंपत्तियों को कुर्क करने के सेबी के आदेश को चुनौती दी है। सेबी के खिलाफ चार याचिकाएं दायर की गई हैं।
इनमें से एक याचिका स्वयं सहारा प्रमुख सुब्रत राय की ओर से दायर की गई है। इसके अलावा सहारा हाउसिंग इन्वेस्टमेंट कारपोरेशन लि., सहारा इंडिया रीयल एस्टेट कारपोरेशन लि. और अशोक राय चौधरी और अन्य ने सेबी के आदेश को चुनौती दी है। सैट ने याचिका को शुरूआती सुनवाई के लिए स्वीकार करने के बाद आगे मामले की सुनवाई के लिए 20 अप्रैल की तारीख तय की है। हालांकि, अब सैट ने इस मामले को 20 अप्रैल की ‘कॉज सूची’ में डाल दिया है। समझा जाता है कि अब इस मामले की सुनवाई अगले महीने होगी।
यह मामला उच्चतम न्यायालय द्वारा सहारा समूह की दो कंपनियों को उनके निवेशकों का 24,000 करोड़ रुपया लौटाने के आदेश से संबंधित है। निवेशकों का पैसा लौटाने का काम सेबी को पूरा करवाना है। इन याचिकाओं में सेबी के 13 फरवरी के आदेश को चुनौती दी गई है जिसमें राय सहित दोनों कंपनियों तथा उनके चार शीर्ष कार्यकारियों के बैंक खातों, निवेश और अन्य परिसंपत्तियों को कुर्क करने का आदेश दिया गया है।






