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क्‍यों नहीं गिरफ्तार हो रहे पत्रकार चंद्रिका राय और उनके परिजनों के हत्‍यारे

नेशनल यूनियन आफ जर्नलिस्ट्स ने मध्यप्रदेश में पत्रकार चंद्रिका राय और उनके परिवार के तीन लोगों की निर्मम हत्या की कड़ी शब्दों में निंदा करते हुए सरकार से हत्यारों को तुरंत गिरफ्तार करने की मांग की है। शनिवार को हुए इस सामूहिक हत्याकांड के तीन दिन बाद भी पुलिस ने किसी की गिरफ्तारी नहीं की है। एसटीएफ तीन दिन की जांच में कहां तक पहुंची है इसका उसने खुलासा नहीं किया है। नेशनल यूनियन आफ जर्नलिस्ट्स के राष्ट्रीय सचिव संजय राठी ने हत्याकांड की जांच सीबीआई से कराने की मांग की है। राज्य सरकार सीबीआई की जांच से क्यों कतरा रही है इससे कई तरह के संदेह उठने लगे हैं।

नेशनल यूनियन आफ जर्नलिस्ट्स ने मध्यप्रदेश में पत्रकार चंद्रिका राय और उनके परिवार के तीन लोगों की निर्मम हत्या की कड़ी शब्दों में निंदा करते हुए सरकार से हत्यारों को तुरंत गिरफ्तार करने की मांग की है। शनिवार को हुए इस सामूहिक हत्याकांड के तीन दिन बाद भी पुलिस ने किसी की गिरफ्तारी नहीं की है। एसटीएफ तीन दिन की जांच में कहां तक पहुंची है इसका उसने खुलासा नहीं किया है। नेशनल यूनियन आफ जर्नलिस्ट्स के राष्ट्रीय सचिव संजय राठी ने हत्याकांड की जांच सीबीआई से कराने की मांग की है। राज्य सरकार सीबीआई की जांच से क्यों कतरा रही है इससे कई तरह के संदेह उठने लगे हैं।

उन्होंने कहा कि चंद्रिका राय दैनिक नवभारत के ब्यूरो चीफ थे, अच्छी छवि के चलते उनकी किसी से निजी रंजिश भी नहीं थी, बावजूद इसके उनके पूरे परिवार को खत्म कर दिया गया। यह मामला लूटपाट, निजी रंजिश का नहीं बल्कि पत्रकारिता से ही जुड़ा है। दो दिन पहले अपहरण के मामले में चंद्रिका राय के पास कुछ ठोस जानकारी थी। हो सकता है उस गिरोह ने हत्याकांड को अंजाम दिया हो। किसी कोयला माफिया पर भी संदेह की सुई जा रही है। एसटीएफ ने इस दिशा में क्या कुछ किया है, पता नहीं चल सका है। राठी ने कहा कि यह हैरानी की बात है कि हत्यारों ने उन्हें घर में बने कार्यालय में, पत्नी दुर्गा राय (38) बेटे सजल (20) और बेटी निशा (16) को घर में मार डाला और आसपास किसी को खबर तक नहीं हुई। मध्यप्रदेश के आदिवासी इलाके शहडोल के जिला उमरिया में इस सामूहिक नरसंहार से पत्रकारिता जगत में मातम पसर गया है। उन्होंने कहा कि अगर जल्द ही चंद्रिका राय और उनके परिजनों के हत्यारों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो नेशनल यूनियन आफ जर्नलिस्ट्स इंसाफ के लिए आगे आएगा। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार को बयान जारी कर इस हत्याकांड के बारे में नवीनतम जानकारी देनी चाहिए।

उधर, हरियाणा यूनियन आफ जर्नलिस्ट्स की एक बैठक में सामूहिक हत्याकांड की निंदा कर हत्यारों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग की गई। संजय राठी की अध्यक्षता में हुई बैठक में देशभर के पत्रकारों का आह्वान किया गया कि वे चंद्रिका राय प्रकरण में खुलकर आगे आएं। ऐसी घटनाओं को देखते हुए हरियाणा में जर्नलिस्ट्स प्रोटेक्शन एक्ट लाने की जरूरत महसूस हुई है। वरिष्ठ उपाध्यक्ष संजय राय ने कहा कि एचयूजे प्रदेश में पत्रकारों पर हुए हमले और उत्पीडऩ को लेकर गंभीर रहा है। यह मामला हालांकि मध्यप्रदेश का है बावजूद इसके वह हर उस यूनियन और संगठन का साथ देगा जो चंद्रिका राय को इंसाफ देने के लिए उठ खड़ा हुआ है। बैठक में एचयूजे के कार्यवाहक अध्यक्ष बलराम शर्मा, प्रदेश प्रवक्ता एमएस राठौड़, पंचकूला इकाई के अध्यक्ष सत्यनारायण गुप्ता, सचिव विनोद कुमार, सदस्य इंदिरा राय, कमल कलसी, रोहित शर्मा, अजय गुप्ता और सुरेंद्र गोयल आदि मौजूद थे।

जयश्री राठौड़ की रिपोर्ट.

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