: रिश्तेदारों को खदान आवंटन कराने के आरोपों से बौखलाए रमन सिंह : 'कह देता हूं, छोड़ूंगा नहीं' : रायपुर : मध्यप्रदेश के सीधी जिले में अपने रिश्तेदारों को बेशकीमती खदानें आवंटित कराने के कांग्रेस के आरोपों से बौखलाए मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने बुधवार को धमकी दी कि ऐसा करने वालों को वे देख लेंगे। उन्होंने कहा- 'इस सम्बंध में खबर प्रसारित व प्रकाशित करने वालों पर मैं कठोर कार्रवाई करूंगा और उन्हें छोड़ूंगा नहीं।' मुख्यमंत्री के इस बयान की व्यापक निंदा हुई है।
कांग्रेस ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला बताते हुए कहा कि यह कोई नई बात नहीं है। मुख्यमंत्री ने वही बात कही है, जो भाजपा की संस्कृति है। 'पत्रिका' ने बुधवार के अंक में कांग्रेस नेताओं के इस आरोप को प्रमुखता से प्रकाशित किया है। इस पर सफाई देने के लिए मुख्यमंत्री ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई और खुद पर लगाए गए कांग्रेस के आरोपों का खंडन करते हुए उन्हें तथ्यहीन बताया।
मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश के सीधी जिले में अपने ससुरालियों के नाम खदानें आवंटित कराने से इनकार करते हुए कहा कि देश के किसी भी राज्य में उन्होंने अपने किसी भी रिश्तेदार को उपकृत नहीं किया है। उन्होंने कहा कि जिस नाड प्रा.लि. कम्पनी का नाम लिया जा रहा है, उसके संचालक प्रशांत सिंह से उनका कोई रिश्ता नहीं है। वे उन्हें जानते तक नहीं हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह के जिस वक्तव्य पर बवाल खड़ा किया जा रहा है, उन्हीं अजय सिंह ने बुधवार को सुबह यह कह दिया है कि विधानसभा में दिए गए भाषण में उन्होंने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री पर कोई आरोप नहीं लगाया है। खुद पर लगाए गए सभी आरोपों को नकारते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ लोग उनके खिलाफ राजनीतिक षडय़ंत्र कर रहे हैं। खासकर कांग्रेस की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा कि आठ साल से विपक्ष में रहने के कारण उन्हें घबराहट हो रही है, इसलिए इस प्रकार के तथ्यहीन आरोप उन पर लगाए जा रहे हैं।
उधर, इस खबर के प्रसारित और प्रकाशित होने के बाद राजधानी रायपुर के शंकरनगर चौक पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने 'पत्रिका' की प्रतियां जलाईं। इसके अलावा बिलासपुर और खैरागढ़ में भी 'पत्रिका' और खबर दिखाने वाले टीवी चैनल का भाजपा कार्यकर्ताओं ने पुतला फूंका। उधर, 'पत्रिका' के रायपुर स्थित लालगंगा मिडास कार्यालय पर शरारती तत्चों द्वारा हमले की आशंका के मद्देनजर देर शाम पुलिस बल तैनात कर दिया गया। पुलिस बल की चौकसी और पुख्ता इंतजाम के कारण शरारती तत्वों के मंसूबे पूरे नहीं हो पाए।
मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कांतिलाल भूरिया ने कहा है कि भाजपा ने खनिज घोटाले का अंतरराज्यीकरण कर दिया है। सीधी जिले की तहसील गोपाल बनास के ग्राम अंधरी गड़ई में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह के करीबी रिश्तेदारों को वरीयता दरकिनार कर खनिज के पट्टे गलत ढंग से आवंटित किए हैं। भूरिया ने इस गम्भीर खनिज घोटाले पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह से नैतिकता के आधार पर पद से इस्तीफा देने की मांग की है। भूरिया ने कहा कि सीधी जिले के ग्राम अंधरी गड़ई के खसरा नम्बर 66 एवं 1036 के कुल रकबा 34.550 हैक्टेयर क्षेत्र में आयरन, मैग्नीज, बाक्साइड, जिंक एवं लेटेराइट खनिज के लिए पूर्वेक्षण अनुज्ञप्ति के लिए 28 आवेदन प्राप्त हुए थे। इनमें से सरकार ने कलेक्टर सीधी के प्रतिवेदन 4 जुलाई 2009 के आधार पर आवेदक विकास चौहान को दो वर्ष की समयावधि के लिए पीएल स्वीकृत किए जाने का निर्णय लिया। भूरिया ने कहा कि जब प्रकरण की नस्ती खनिज विभाग के सचिव के पास पहुंची तो छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह के रिश्तेदारों की फर्म नाड प्राइवेट लिमिटेड को खनिज पïट्टे देने के आदेश जारी कर दिए गए। इस पर आवेदक विकास चौहान ने जबलपुर हाईकोर्ट से इस निर्णय के विरुद्ध स्थगन लिया है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि नाड प्रायवेट लिमिटेड के अन्य सात आवेदनों पर ही एक ही दिन में 28 सितम्बर 2011 को 920 हैक्टेयर की खनिज रियायतें अन्य आवेदकों के प्रस्ताव मिलने का उल्लेख किए बिना दे दी गई, जबकि दो और तीन वर्षों से लम्बित आवेदनों को मंत्रालय की रद्दी टोकरी में फेंक दिया गया। उन्होंने इस पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। भूरिया ने कहा कि मध्यप्रदेश व छत्तीसगढ़ में भाजपा केमुख्यमंत्रियों के संरक्षण में अवैधानिक तरीके से पïट्टे वितरित किए जा रहे है और अवैध उत्खनन भी बड़े पैमाने पर चल रहा हैं।
मप्र विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने कहा है कि सीधी जिले में खदानों का आवंटन रसूखदारों के प्रभाव में किया गया। उन्होंने कहा कि जिस कम्पनी को ठेके दिए गए हैं, उसके डायरेक्टर प्रशांत सिंह और अरुण सिंह है। इन दोनों का पता रायपुर का है, जो एक ही है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि 'मैंने सदन में भी कहा था कि सारे मामले की जांच करा लें, स्वत: सामने आ जाएगा कि किन रसूखदारों के चलते खदान एक ही दिन में दी गई।
मैं रमन सिंह का सम्बंधी नहीं – प्रशांत सिंह : नाड प्रा.लि. के प्रशांत सिंह ने एक विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि वे मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के सम्बंधी नहीं हैं। उनके पूर्वज का भी मुख्यमंत्री से रिश्ता नहीं है। उनकी कम्पनी को नियमानुसार आठ प्रास्पेक्टिंग लाइसेंस मिले हैं। उनकी कम्पनी या उनके किसी निकट के सम्बंधी को कोई खदान आवंटित नहीं हुई है। केवल प्रास्पेक्टिंग लाइसेंस मिला है, जो रिकोनाइसेंस परमिट का अगला चरण है।
साभार : पत्रिका





