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खबर रिपीट : ये सहारा वालों का अमर प्रेम है या कोआर्डिनेशन की कमी

गोरखपुर में बुधवार को जब राष्‍ट्रीय सहारा लोगों के हाथों में पहुंचा तो यह देखकर लोगों को ताज्‍जुब हुआ कि अमर सिंह की एक ही खबर दो जगहों पर लगाई गई है. जो खबर पहले पन्‍ने पर छपी है वही खबर सात नम्‍बर पेज पर भी लीड के रूप में लगी है. वो भी दो फोटो के साथ. अन्‍य अखबारों के दफ्तरों में सहारा के इस अमर प्रेम को लेकर खूब बातें चलीं. हालांकि खबरों का दो जगह प्रकाशित होना अमर प्रेम के कारण नहीं बल्कि कोआर्डिनेशन की कमी है.

गोरखपुर में बुधवार को जब राष्‍ट्रीय सहारा लोगों के हाथों में पहुंचा तो यह देखकर लोगों को ताज्‍जुब हुआ कि अमर सिंह की एक ही खबर दो जगहों पर लगाई गई है. जो खबर पहले पन्‍ने पर छपी है वही खबर सात नम्‍बर पेज पर भी लीड के रूप में लगी है. वो भी दो फोटो के साथ. अन्‍य अखबारों के दफ्तरों में सहारा के इस अमर प्रेम को लेकर खूब बातें चलीं. हालांकि खबरों का दो जगह प्रकाशित होना अमर प्रेम के कारण नहीं बल्कि कोआर्डिनेशन की कमी है.

बताते चलें कि राष्‍ट्रीय सहारा में लगातार स्‍टाफ कम होते जा रहे हैं. कई लोग इस्‍तीफा देकर दूसरे संस्‍थानों से जुड़ गए पर नई भर्तियां नहीं की गई. कई पद रिक्‍त पड़े हुए हैं. सहारा में कार्यरत प्रदीप श्रीवास्‍तव की मौत हो गई. आनंद सिंह संस्‍थान छोड़कर चले गए, राकेश श्रीवास्‍तव और कपिल सिन्‍हा का बनारस तबादला हो गया. नीरज श्रीवास्‍तव दैनिक जागरण एवं प्रमोद सिंह जनसंदेश टाइम्‍स चले गए. पर इनके सापेक्ष इन पदों पर भर्तियां नहीं हुईं. कर्मचारियों की कमी से जूझ रहे सहारा में काम का इतना दबाव है कि आए दिन खबरों की रिपीटेशन और त्रुटियां होती रहती हैं. कई खबरें तो बिना एडिट ही प्रकाशित हो जाती हैं. विधानसभा चुनाव के लिए पटना से तीन लोग आए हैं, लेकिन तीनों मिलकर केवल एक पेज तैयार करते हैं, वो भी तब जब सभी खबरें जिलों से सज-सजा के आती हैं. नीचे अमर की दो बारे प्रकाशित खबर.


                                             सत्ता,भत्ता, कट्टा ही सपा की पहचान

चौरीचौरा (एसएनबी)। गंगा, जमुना, भगवान विश्‍वनाथ की धरती बनारस, कबीर, भगवान बुद्ध, जयशंकर प्रसाद, बिसमिल्लाह खां, सारनाथ, कैफी आजमी, फिराक गोरखपुरी सहित अन्य महापुरुषों की जन्मस्थली के लोग जब महाराष्ट्र में जाकर नौकरी करते हैं तो उन्हें भइया कहकर बाल ठाकरे के लोग मारते-पीटते हैं और अपमानित करते हैं। क्या इस पूर्वांचल में ही यहां के लोगों के लिए रोजगार के अवसर नहीं दिये जा सकते? अगर ऐसा नहीं हो सका तो इसका दोष सपा, बसपा, भाजपा तथा कांग्रेस को जाता है। उक्त बातें भारतीय लोकमंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमर सिंह ने कही। वह मंगलवार को विधानसभा चौरीचौरा क्षेत्र के सरदानगर स्थित मजीठिया प्ले ग्राउंड में दल के प्रत्याशी शिवमंदिर पासवान के समर्थन में आयोजित एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे।

अमर सिंह ने कहा कि देवी-देवताओं से लेकर महापुरुषों की स्थली रही पूरब की माटी में जन्मे लोग बाहर के प्रदेशों में जाकर जो अपमान झेल रहे हैं इसका सारा दोष उत्तर प्रदेश की कमान सम्भालने वाले नेताओं की है। उन्होंने कहा कि पूरे उत्तर प्रदेश में ज्यादा बिजली पूर्वांचल में पैदा होती है लेकिन यह बिजली यहां के लोगों को न मिलकर सैफई एवं बादलपुर में भेज दी जाती है। मैं यहां की जनता से पूछता हूं कि ऐसी उपेक्षा आप लोग क्यों सहते हैं। उन्होंने कहा कि भदोही, गाजीपुर, सठियांव, बलिया, भटनी, बैतालपुर, गौरी बाजार, छितौनी, धुरियापार चीनी मिलों के अलावा गोरखपुर खाद कारखाना वर्षों से बंद पड़ा है आखिर इसे चलवाने के लिए प्रदेश तथा केन्द्र सरकार में बैठे लोगों ने क्यों नहीं पहल की। पूर्वाचल के विकास के मद में जितना हिस्सा मिलना चाहिए आखिर वह क्यों नहीं दिया जाता है। उन्होंने कहा कि सपा सरकार सत्ता, भत्ता, कट्टा तथा हत्या करवाकर राज करना जानती है। बेनी प्रसाद वर्मा, राज बब्बर, रसीद मसूद, संजय दत्त, सलीम शेरवानी, जया बच्चन, सदी के नायक अमिताभ बच्चन सहित सब सपा को छोड़कर चले गये हैं सपा में बचे है तो सिर्फ मुलायम सिंह और अखिलेश यादव। आजम खां को इस लिए रखा गया है कि यह हिन्दुओं पर कटाक्ष कर मुसलमानों को रोके रहें।

उन्होंने बसपा की मुखिया मायावती पर कहा कि तीन बार भाजपा के सहयोग से बसपा अध्यक्ष मुख्यमंत्री बनीं तो साम्प्रदायिक नहीं थी और जब लालजी टण्डन के हाथ की राखी की डोर कमजोर पड़ गई तो भाजपा से बुरी पार्टी बसपा के लिए नहीं रह गई। बसपा ने तो भ्रष्ट्राचार की पार्टी बना ली हैं। इसके 21 मंत्री सरकार को ऐसे दूहते रहे जैसे गाय के थन से दूध निकाला जाता है। सांसद तथा फिल्म अभिनेत्री जयाप्रदा ने कहा कि हमने महराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश तथा पंजाब का दौरा किया लेकिन विकास के मामले में जितना पूर्वांचल पीछे है उतना प्रदेश का कोई हिस्सा नहीं हैं। पूर्वाचल के लोगों के जीवन में खुशहाली आये और चेहरों पर रौनक दिखाई दे यही हमारे नेता अमर सिंह की चिंता हैं।


एक पत्रकार द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.

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