सभी बीएसएनएल ग्राहकों के लिए उपयोगी घटनाक्रम में दूरसंचार विभाग (डीओटी) के आर्बिट्रेटर ने खराब इन्टरनेट सेवा के लिए एक उपभोक्ता को पांच हज़ार रुपये हर्जाना देने के आदेश दिये हैं. यूपी के आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर द्वारा अपने लैंडलाइन नंबर 0522-2725001 पर लंबे समय तक फोन और इंटरनेट कनेक्शन काम नहीं करने के बारे में कई बारे बीएसएनएल को लिखित रूप से शिकायत की थी पर कोई कार्रवाई नहीं होने पर डीओटी को भारतीय टेलीग्राफ एक्ट की धारा 7-बी के अंतर्गत आर्बिट्रेटर नियुक्त करने हेतु पत्र लिखा था.
डीओटी, दिल्ली के उप महानिदेशक एसएस सिंह ने मई 18, 2012 के आदेश द्वारा लखनऊ के उप महानिदेशक (टर्म) वीपी सिंह को इस विवाद का आर्बिट्रेटर नियुक्त किया गया था. वीपी सिंह ने कई सुनवाइयों में ठाकुर और बीएसएनएल के पक्ष सुने. ठाकुर ने जहाँ हर्जाने की मांग रखी वहीँ बीएसएनएल ने तर्क दिया कि टेलीग्राफ एक्ट में कहीं भी हर्जाने का प्रावधान नहीं है. सिंह ने बीएसएनएल के तर्कों को सही नहीं माना और यह पाया कि बीएसएनएल के स्तर पर ठाकुर को वांछित सेवा प्रदान करने में उपेक्षा की गयी. इसके आधार पर सिंह ने ठाकुर को खराब सेवा की भरपाई के चार हज़ार और पत्राचार आदि के खर्चे पर एक हज़ार, यानि कुल पांच हज़ार रुपये का हर्जाना दिये जाने के आदेश पारित किये हैं.
नीचे आदेश के मुख्य अंश….






