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खुर्शीद अनवर के आत्महत्या कर लेने से हवा का रुख बदल तो नहीं जाएगा?

Manika Mohini : यह बुद्धिजीवियों को हो क्या रहा है? पहले गलती करते हैं, फिर अपनी सजा का फैसला खुद करते हैं. तो खुर्शीद अनवर ने खुद को सजा देते हुए आत्महत्या कर ली. वे हाल ही में देख चुके थे तरुण तेजपाल का हश्र। उन्हें मालूम था कि इस आरोप की सजा केवल और केवल जेल है. उनके आत्महत्या करने से सिद्ध हुआ कि वे दोषी थे तथा उनमें क़ानून की लड़ाई को बर्दाश्त करने की हिम्मत नहीं थी. जेल में रहना आखिर किसे पसंद आता है?

Manika Mohini : यह बुद्धिजीवियों को हो क्या रहा है? पहले गलती करते हैं, फिर अपनी सजा का फैसला खुद करते हैं. तो खुर्शीद अनवर ने खुद को सजा देते हुए आत्महत्या कर ली. वे हाल ही में देख चुके थे तरुण तेजपाल का हश्र। उन्हें मालूम था कि इस आरोप की सजा केवल और केवल जेल है. उनके आत्महत्या करने से सिद्ध हुआ कि वे दोषी थे तथा उनमें क़ानून की लड़ाई को बर्दाश्त करने की हिम्मत नहीं थी. जेल में रहना आखिर किसे पसंद आता है?

खुर्शीद अनवर के आत्महत्या कर लेने से हवा का रुख बदल तो नहीं जाएगा? ऐसी आशंका इसलिए है कि हमारे यहाँ मरने वाले के साथ सबकी हमदर्दी होती है और उसकी तारीफ़ में बढ़-चढ़ कर कसीदे गढ़े जाते हैं. मरने वाला एकाएक महान हो उठता है. लेकिन यहाँ मरने वाला महान नहीं, बल्कि एक कमज़ोर इंसान था, जिसमें अपने हिसाब से जीवन का उपभोग करने के लिए गलत तरीकों का भी इस्तेमाल करने की लालसा तो थी लेकिन देश के क़ानून द्वारा दी गई सजा को झेलना मंज़ूर नहीं था. बुरे लोगों, औरत के जिस्म को भोग की वस्तु समझने वाले वहशी लोगों, करो बलात्कार और इसी तरह खुद को मारते रहो, ताकि तुम्हें सजा देने में न तो देश का वक़्त बर्बाद हो, और न ही इस धरती पर दरिंदों की तादाद बढ़े. खुर्शीद अनवर, आपने बलात्कारियों को सही राह दिखाई है.

महिलावादी मणिका मोहिनी के फेसबुक वॉल से.

मूल खबर….

इंडिया टीवी के चरित्र हनन अभियान से दुखी होकर सोशल एक्टीविस्ट खुर्शीद अनवर ने आत्महत्या कर ली

 

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