Abhishek Upadhyay : रात 9 से 10 इंडिया टीवी जरूर देखें। अब से कुछ ही देर में। एक ऐसी लड़की की कहानी जो 16 दिसंबर 2012 गैंग रेप की शिकार दामिनी या निर्भया को इंसाफ दिलाने के लिए जी जान से लड़ी और खुद बलात्कार का शिकार हुई। ये लड़की इंडिया गेट से लेकर गेटवे आफ इंडिया तक के दामिनी को इंसाफ दिलाने के लिए हुए प्रदर्शनों का सबसे बड़ा चेहरा बनकर उभरी। तमाम चैनलों के स्टूडियो में इंसाफ की आवाज उठाती दिखाई दी। ये विद्रोह के उस उफान का सबसे बड़ा चेहरा थी। फिर एकाएक गायब हो गई।
इंडिया टीवी ने इससे बात की। इसके राज्य में जाकर इसका बयान लिया जहां वह दिल्ली छोड़कर डरकर चली गई थी। जिस एनजीओ के संचालक पर रेप का आरोप है, उस संचालक से भी बात की। महिला आयोग से बात की। दिल्ली पुलिस से बात की। उस एनजीओ के बोर्ड आफ डायरेक्टर की तीन महिला सदस्यों ने बलात्कार के आरोपी एनजीओ संचालक के अपने पद पर बने रहने के खिलाफ इस्तीफा दे दिया। उनसे भी बात की। उस एनजीओ की महिला सदस्यों ने उस पीडित लड़़की को इंसाफ दिलाने के लिए उसे एक चिट्ठी लिखी थी, वो चिट्ठी भी हासिल की।आल इंडिया प्रोग्रेसिव वूमेन एसोसिएशन की कविता कृष्णन से बात की, जिन्होंने इसे इंसाफ दिलाने की लड़ाई लड़ी।
मधु किश्वर से बात की जिन्होंने उसका साथ दिया। लड़की से पूछा कि क्या वो अपनी उस वीडियो टेस्टिमनी पर कायम है जो उसने डरकर दिल्ली छोड़ने से पहले दी थी। लड़की ने कहा कि एक एक बात पर कायम हूं। कहा कि आई वांट टू किल द एक्यूज्ड। आई वांट टू किल हिम। उसकी पूरी दास्तां देखिए। बहुत कुछ कहना है। बहुत कुछ लिखना है। पर पहले स्टोरी देखिए, जो अब आन एयर है।
इंडिया टीवी से जुड़े अभिषेक उपाध्याय के फेसबुक वॉल से. यह स्टेटस अभिषेक ने कल शाम फेसबुक पर पोस्ट किया था. उस वक्त तक खुर्शीद अनवर ने सुसाइड नहीं किया था.





