मवाना। हस्तिनापुर विधानसभा क्षेत्र के पीस पार्टी के अपराधिक छवि के प्रत्याशी विधायक योगेश वर्मा के कार्यालय में प्रबंधतंत्र को बिना सूचना दिये जाने पर दैनिक जागरण ने अपने हस्तिनापुर के रिपोर्टर विपिन वर्मा को तत्काल प्रभाव से नौकरी से निकाल दिया है। विधानसभा चुनावों की घोषणा होने के बाद से ही दैनिक जागरण समूह ने अपने पत्रकारों को प्रत्याशियों के कार्यालय में जाने पर रोक लगा दी है, लेकिन बुधवार की देर रात में दैनिक जागरण के जनपद मेरठ के हस्तिनापुर कस्बे में तैनात रिपोर्टर विपिन वर्मा अपने साथी अमर उजाला के पत्रकार फतेह सिंह निर्मल के साथ में हाल में ही बपसा से निकाले गये अपराधिक छवि के पीस पार्टी के प्रत्याशी योगेश वर्मा के मवाना में स्थित मुख्य कार्यालय में पहुंच गये।
पत्रकारों के कार्यालय में पहुंचने की सूचना किसी व्यक्ति ने जागरण के मेरठ देहात के प्रभारी राजकुमार शर्मा को दी, जिस पर शर्मा ने आनन फानन में मवाना कार्यालय के प्रभारी सुशील विहान को तुरन्त मौके पर जाकर जांच करने के आदेश दिये। कार्यालय प्रभारी ने अपने अधिनस्थ संजीव पांडेय और छायाकार कुलदीप कुमार को पीस पार्टी के कार्यालय पर भेजा। जागरण के पत्रकारों के पहुंचते ही विपिन वर्मा दरवाजे के पीछे दुबक गये, लेकिन जागरण कर्मियों ने विपिन वर्मा को पकड़ लिया और तत्काल इसकी सूचना मेरठ देहात के प्रभारी राज कुमार शर्मा को दी। शर्मा ने संस्थान की हाई मैनेजमेंट को प्रकरण की सूचना दी जिस पर जागरण प्रबंधतंत्र ने तत्काल प्रभाव से हस्तिनापुर के जागरण के पत्रकार को बर्खास्त कर दिया। बताया गया है कि पीस पार्टी के प्रत्याशी योगेश वर्मा के सजातीय होने के कारण विपिन वर्मा योगेश का सर्मथन कर रहे है। गौरतलब है कि एक पखवाडे पूर्व ही जागरण ने अपने फलावदा के पत्रकार तनवीर को भी गलत कामों के आरोप में बर्खास्त कर दिया था। पर इस मामले में दिलचस्प तथ्य यह है कि यहां पर दोनों मामलों में अमर उजाला के पत्रकार भी संलिप्त पाए गए पर एक में तो प्रबंधन ने जांच के बाद क्लीन चिट दे दी, जबकि दूसरे मामले में हस्तिनापुर के पत्रकार के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई।






