विधानसभा चुनाव के दौरान चुनाव आयोग की नजर प्रत्याशियों की प्रत्येक गतिविधि पर रहेगी। यदि किसी प्रत्याशी के खिलाफ आचार संहिता का उल्लंघन करने की शिकायत मिली तो आयोग का उड़न दस्ता तुरंत छापा मारेगा और कार्रवाई करेगा। इस बार प्रत्याशियों को नामांकन से पूर्व बैंक में खाता भी खोलना होगा और चुनाव में उसी से धन निकालकर खर्च करना होगा। पेड न्यूज पर भी प्रशासन की नजर रहेगी। इसमें दो अधिकारियों समेत दो पत्रकारों को भी रखा गया है।
जिलाधिकारी शशिभूषण ने मंगलवार को संवाददाता सम्मेलन में चुनाव आचार संहिता का पालन करने के लिए कलेक्ट्रेट सभागार में मीडिया की कार्यशाला का आयोजन किया। इस अवसर पर उन्होंने बताया कि आचार संहिता का पालन सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद है। प्रत्याशियों की खर्च सीमा 16 लाख निर्धारित की गई है। डीएम ने बताया कि आयोग द्वारा निर्वाचन व्यय पूरी तरह से निर्धारित कर दिया गया है। यदि प्रत्याशी द्वारा धन, बल या कोई उपहार या लालच देकर मतदाता को प्रभावित करने का प्रयास करेगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही मीडिया में प्रकाशित व प्रसारित समाचारों पर भी नजर रखी जाएगी। इसके अलावा प्रत्याशियों को प्रकाशित कराए गए पंपलेट पर प्रिंटिंग प्रेस का नाम व फोन नंबर भी प्रकाशित करना होगा।
उन्होंने बताया कि पेड न्यूज पर नजर रखने के लिए सूचना विभाग कार्यालय में एक कंट्रोल रूम बनाया जाएगा, जिसमें तीन-तीन टीवी लगाए जाएंगे और आयोग द्वारा गठित कमेटी समाचारों का आकलन करेगी। यदि पेड न्यूज प्रकाश में आती है तो कार्रवाई की जाएगी। इस कमेटी का नाम मीडिया सर्टिफिकेशन एंड मॉनीटरिंग कमेटी रखा गया है, जिसमें जिला निर्वाचन अधिकारी, जिला जनसंपर्क अधिकारी तथा वरिष्ठ पत्रकार राम बहादुर राय समेत दो पत्रकारों को शामिल किया गया है। दूसरे पत्रकार कुलदीप तलावार हैं। उन्होंने बताया कि निर्वाचन व्यय पर नजर रखने के लिए व्यय प्रेक्षक की तैनाती आयोग द्वारा तैनात की जाएगी जिसमें भारतीय राजस्व सेवा, उत्पाद एवं केंद्रीय उत्पाद सेवा तथा आयकर के अधिकारी शामिल होंगे। जो रुपए के आदान प्रदान पर ध्यान रखेंगे।






