गुवाहाटी। यहां भी वही हुआ जो कोलकाता में हुआ। कोलकाता की तरह गुवाहाटी से निकलने वाले शारदा समूह के बांग्ला दैनिक सकालबेला के कार्यालय में पहुंच कर कर्मचारियों ने हुडदंग किया और कंम्पयूटर और टेबल आदि तोड़ दिए और देर शाम तक हंगामा करते रहे। गनीमत रही कि मौके पर पुलिस पहुंच कर पत्रकारों को शांत किया और कार्यालय को सील कर दिया।
इससे पहले मामले को भांपते हुए अखबार के स्थानीय निदेशक विभा रानी कलिता, प्रकाशक जीवन डेका और संपादक अंजन बसु भाग निकले। जिससे बौखलाए पत्रकारों और गैर कर्मचारियों ने स्थानीय भांगागढ़ थाने में उक्त तीनों अधिकारियों के अलावा समूह के प्रबंध निदेशक सुदीप्तो सेन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। मालूम हो कि अखबार का प्रकाशन पिछले दो दिनों से ठप था जबकि प्रबंधन ने कर्मियों को १५ अप्रैल तक की नोटिस दे रखी थी। इस बीच वहां कार्यरत पत्रकारों और अन्य कर्मचारियों को तीन महीने से वेतन नहीं मिलने की जानकारी भी मिली है।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले समूह ने यहां से निकलने वाले अंग्रेजी दैनिक सेवेन सिस्टर पोस्ट के अलावे कोलकाता से निकलने वाले हदी सहित तमाम अखबारों को बंद कर दिया था। जिसके कारण कोलकाता से लेकर गुवाहाटी तक बड़ी संख्या में लोग सड़क पर आ गए हैं। यहां सेवेन सिस्टर पोस्ट और सकालबेला में नौकरी करने वाले पत्रकार इस समूह को ज्वाइन करने से पहले स्थायी रूप से अच्छी खासी नौकरी कर रहे थे। लेकिन इस समूह ने शुरुआत में आकर्षक आफर देकर अपने यहां बुला लिया और अचानक प्रकाशन बंद कर लोगों को सड़क पर ला दिया है।
गुवाहाटी से नीरज झा की रिपोर्ट.






