लगता है नईदुनिया में सबकुछ ठीकठाक नहीं चल रहा है। अपने गुस्से और जिद के लिए मशहूर श्रवण गर्ग अब सरेआम गाली देने लगे हैं। बुधवार शाम खबरों के लिए चर्चा करने गई पहले पेज की टीम को प्रधान संपादक ने बुरी तरह जलील किया। किसी खबर के संबंध में शुरू हुई मामूली जिज्ञासाएं धीरे-धीरे पुलिस पूछताछ की तरह होने लगी।
घबराई टीम ने जैसे ही जवाब देने की कोशिश की प्रधान संपादक का पारा आसमान से जा टकराया। गुस्से में लाल-पीले हुए श्रवण गर्ग बुरी तरह से चिल्लाने वा गालियां देने लगे। अचानक हुई घटना से पूरे संपादकीय में सन्नाटा पसर गया। जैसे-तैसे इज्जत बचाकर बाहर निकली टीम को साथियों ने घेर लिया। जब पता चला कि ये बेकसूर यूं ही जलालत झेलकर आए हैं तो सभी उनके पक्ष में लामबंद हो गए। कुछ डेस्क के साथियों ने तत्काल अपने कम्प्यूटर बंद कर बात दिल्ली या कानपुर तक पहुंचाने की मांग तक कर डाली। जब नाइंसाफी जाहिर हुई तो कई और भी जल्द ही लामबंद हो गए। सभी इस बात पर एकराय थे कि अब किसी भी कीमत पर बेइज्जती सहन नहीं करेंगे।
मालूम हो कि श्रवण गर्ग की प्रकृति हमेशा से तुनकमिजाज की रही है। वे कब, किस बात पर, किससे नाराज हो जाएं, अब तो वे खुद भी इस बात को नहीं जानते। इंदौर के मीडिया जगत में चर्चा है कि श्रवण जी चूंकि पिछले 10 वर्षों से रोजमर्रा के सक्रिय संपादकीय कार्यों में सीधे तौर पर नहीं रहे हैं लिहाजा इस दौरान आए नवाचार से वे नावाकिफ हैं। इस नासमझी की कीमत नईदुनिया के बेकसूर संपादकीय साथी रोज चुका रहे हैं।






