Connect with us

Hi, what are you looking for?

No. 1 Indian Media News PortalNo. 1 Indian Media News Portal

सुख-दुख...

गोविन्द माथुर को आचार्य निरंजननाथ सम्मान

: 'संबोधन' का विशेषांक लोकार्पित : उदयपुर : आचार्य निरंजननाथ स्मृति सेवा संस्थान और साहित्य त्रैमासिकी 'संबोधन' के संयुक्त तत्वावधान में इस साल का आचार्य निरंजननाथ सम्मान सुपरिचित कवि गोविन्द माथुर को उनकी काव्य कृति 'बची हुई हंसी' के लिए प्रदान किया गया. सम्मान में इकतीस हज़ार रुपये, श्रीफल, स्मृति चिन्ह तथा प्रशस्ति पत्र कवि को भेंट किये गए. इस साल से नवोदित रचनाकारों के लिए भी एक और सम्मान दिया गया, जिसके लिए नीलिमा टिक्कू की कृति 'रिश्तों की बगिया' को चुना गया था. उन्हें भी प्रशस्ति पत्र, श्रीफल, स्मृति चिन्ह और ग्यारह हज़ार रुपये अर्पित किये गए.

: 'संबोधन' का विशेषांक लोकार्पित : उदयपुर : आचार्य निरंजननाथ स्मृति सेवा संस्थान और साहित्य त्रैमासिकी 'संबोधन' के संयुक्त तत्वावधान में इस साल का आचार्य निरंजननाथ सम्मान सुपरिचित कवि गोविन्द माथुर को उनकी काव्य कृति 'बची हुई हंसी' के लिए प्रदान किया गया. सम्मान में इकतीस हज़ार रुपये, श्रीफल, स्मृति चिन्ह तथा प्रशस्ति पत्र कवि को भेंट किये गए. इस साल से नवोदित रचनाकारों के लिए भी एक और सम्मान दिया गया, जिसके लिए नीलिमा टिक्कू की कृति 'रिश्तों की बगिया' को चुना गया था. उन्हें भी प्रशस्ति पत्र, श्रीफल, स्मृति चिन्ह और ग्यारह हज़ार रुपये अर्पित किये गए.

समारोह के मुख्य अथिति और वरिष्ठ कवि नन्द चतुर्वेदी ने कहा कि आज देश में लोग स्वार्थों के कारण हिंसा पर उतारू हैं, जिससे रिश्ते ही ख़त्म होने की कगार पर हैं. पहले जहां जीवन कविता की तलाश करता था वहीं आज समय ने ऐसी करवट ली है कि कविता को जीवन की तलाश करनी पड़ रही है. उन्होंने पुरस्कारों की राजनीति और अविश्वसनीयता के बीच आचार्य निरंजननाथ सम्मान को महत्त्वपूर्ण बताते हुए कहा कि यह लघु प्रयासों से रचनाशीलता का हार्दिक सम्मान है. अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ कथाकार और 'अक्सर' के सम्पादक हेतु भारद्वाज ने इस कठिन और लालची समय में विचार की जरूरत पर बल देते हुए साहित्य की अर्थवत्ता बताई.

विशिष्ट अतिथि उपन्यासकार राजेन्द्रमोहन भटनागर ने राजनेताओं के आचरण पर व्यंग्य करते हुए कहा कि हम जानते हैं सत्यनिष्ठा की शपथ लेने पर भी नेता कितना सत्य बोलते हैं. इससे पहले सम्मान के संयोजक और 'संबोधन' के सम्पादक क़मर मेवाड़ी ने बताया कि माथुर से पूर्व देश भर के बारह रचनाकारों को यह सम्मान दिया जा चुका है. आयोजन समिति के अध्यक्ष कर्नल देशबंधु आचार्य ने अतिथियों का स्वागत करते हुए सम्मान की रूपरेखा स्पष्ट की. समारोह में संबोधन के आचार्य निरंजननाथ विशेषांक का भी लोकार्पण किया गया. ज्ञातव्य है कि राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष रहे कवि, लेखक और यात्रा संस्मरणकार आचार्य निरंजननाथ का यह जन्मशताब्दी वर्ष भी है. प्रेस रिलीज

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

… अपनी भड़ास [email protected] पर मेल करें … भड़ास को चंदा देकर इसके संचालन में मदद करने के लिए यहां पढ़ें-  Donate Bhadas … मोबाइल पर भड़ासी खबरें पाने के लिए प्ले स्टोर से Telegram एप्प इंस्टाल करने के बाद यहां क्लिक करें : https://t.me/BhadasMedia  …

Advertisement

You May Also Like

विविध

Arvind Kumar Singh : सुल्ताना डाकू…बीती सदी के शुरूआती सालों का देश का सबसे खतरनाक डाकू, जिससे अंग्रेजी सरकार हिल गयी थी…

विविध

: काशी की नामचीन डाक्टर की दिल दहला देने वाली शैतानी करतूत : पिछले दिनों 17 जून की शाम टीवी चैनल IBN7 पर सिटिजन...

विविध

पहली बार चुनाव हमने 1967 में देखा था. तेरह साल की उम्र में. और अब पहली बार ऐसा चुनाव देख रहे हैं, जो इससे...

विविध

राजस्थान, कांग्रेस और सेक्स. ये तीन शब्द लगता है आपस में अच्छे से घुल मिल गए हैं. भंवरी कांड में ये तीनों शब्द जुड़े...