भोपाल : मध्य प्रदेश की पत्रकारिता तथा सरकार को हिला देने वाले चंद्रिका राय एवं उनके परिवार की हत्या के मामले में एसटीएफ अब उस अनजान शख्स की तलाश में जुट गई है, जिसके साथ चंद्रिका राय को आखिरी बार देखा गया था. इस अनजान शख्स के साथ चंद्रिका राय को उमरिया के एक ढाबे पर देखा गया था. ढाबे से मछली पैक कराने के बाद चंद्रिका राय उस अनजान चेहरे के साथ कहीं चले गए थे. इसी चेहरे को अब सामने लाने की चुनौती पुलिस के पास है.
इस लोमहर्षक कल्ल की कहानी में एमपी पुलिस पूरी तरह से उलझी हुई है. दर्जन भर टीम मैदान में उतारने के बाद भी पुलिस के हाथ इस हत्याकांड का सिर-पैर कुछ भी नहीं लगा है. पुलिस ने इस हत्याकांड की तह तक पहुंचने के लिए सुराग देने वाले को इनाम देने की भी घोषणा की है. पुलिस को आशंका है कि इस जघन्य हत्याकांड को जिस तरीके से अंजाम दिया गया है, उसमें चंद्रिका राय को जानने वाले या पहचान वाले किसी शख्स का हाथ है.
इस हत्याकांड को लेकर मध्य प्रदेश की राजनीति भी गरमाई हुई है. विधान सभा में इस मामले पर जमकर हंगामा हुआ. मंगलवार को सत्र की कार्यवाही तो शुरू हुई, लेकिन राज्यपाल के भाषण के आगे सदन बाधित रहा. विपक्ष ने भी विद्रोही तेवर अपना लिया है, जिसे देखकर नहीं लगता कि सरकार की मुश्किलें कम होने वाली हैं. विपक्ष के निशाने पर राज्य के होम मिनीस्टर भी हैं. उल्लेखनीय है कि 17-18 तारीख की रात नवभारत के ब्यूरोचीफ चंद्रिका राय तथा उनके पत्नी तथा दो बच्चों की निर्मतता से हत्या कर दी गई थी. चारों की लाश उनके घर से बरामद हुई थी.






