गोरखपुर। बेलीपार के महाबीर छपरा चौराहे के पास दो प्रत्याशियों की चुनावी सभा जंग के मैदान में तब्दील हो गई। टीवी अभिनेत्री और कांग्रेस प्रत्याशी काजल निषाद और बसपा प्रत्याशी रामभुआल निषाद के समर्थकों के बीच जमकर मारपीट हुई। जिसमें काजल निषाद और उनके समर्थकों को चोटें आईं। खून से लथपथ काजल अपने ऊपर हमले के खिलाफ सड़क पर बैठ गईं। आरोप रामभुआल और उनके समर्थकों पर लगाते हुए उनकी गिरफ्तारी की मांग करने लगीं।
उधर, रामभुआल अपने समर्थकों के साथ घटनास्थल से निकल गए। बवाल बढ़ता देख मौके पर पीएसी और पुलिस फोर्स लगा दी

बसपा समर्थकों के हमले में घायल कांग्रेस प्रत्याशी काजल निषाद
रामभुआल निषाद की सभा चल रही थी। इसी बीच शाम को करीब पौने छह बजे काजल निषाद अपने समर्थकों के साथ सभा करने पहुंच गईं। आरोप है कि जब काजल निषाद पहुंची तो रामभुआल की सभा से कुछ पब्लिक काजल की सभा में आने लगी। इससे गुस्साए रामभुआल समर्थकों के बीच कहासुनी हुई और यह कहासुनी मारपीट में बदल गई। महावीर छपरा का सभा स्थल देखते ही देखते जंग के मैदान में बदल गया। दोनों पक्षों के समर्थकों ने जमकर मारपीट की। कई लोग घायल हो गए। मारपीट के बाद रामभुआल वहां से निकल गए जबकि काजल निषाद ककराखोर गांव के पास अपने समर्थकों के साथ गोरखपुर-बनारस हाइवे पर बैठ गई। हमले में काजल निषाद के बाएं हाथ पर चोट लगी। काजल के हाथ से खून बहता देख उसके साथ सैकड़ों महिलाएं भी सड़क पर बैठ गईं। काजल की मांग थी कि रामभुआल पर हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज कर तत्काल गिरफ्तार किया जाए। उनकी प्रत्याशिता रद्द कर एसओ बेलीपार को भी हटाया जाए। अफसरों ने मांगों पर त्वरित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।
काजल का आरोप है कि हमले में रामभुआल खुद शामिल थे, उन्होंने अपने भाई मनोज और समर्थकों के साथ मेरे ऊपर हमला किया है। उनकी सभा से भीड़ मेरी सभा में आने पर वे लोग बौखला गए थे। इन लोगों ने हमारे समर्थकों दौड़ा-दौड़ा कर पीटा है, गाड़ियों के शीशे टूट गए हैं। स्थानीय पुलिस भी रामभुआल के समर्थन में थी और उन्हें गाड़ी में लिफ्ट देकर वहां से हटा दिया है। रामभुआल पर मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए।






