: पंकज ने कहा आरोप सरासर झूठ : सर नमस्कार, मैं गौरव सैनी हूं. सहारनपुर का रहने वाला हूं. सर आप को जानकारी देना है कि चैनल दिलाने के नाम पर सहारनपुर में अवैध कारोबार चल रहा है. यहां एक ऐसी दुकान हैं जिसमें दैनिक पेपर से लेकर मासिक पेपर तक मिल सकता है. आपको खर्च करने होंगे पांच हजार से लेकर बीस हजार रुपये. अगर आपको टीवी न्यूज चैनल चाहिए तो उसके लिए आपको खर्च करने होंगे तीस हजार रुपए लेकर एक लाख रुपए तक इसके लिए आपको कहीं जाने की जरूरत नहीं है, आप इस नम्बर 9034135905 पर संपर्क कर सकते हैं.
यह नम्बर है किसी और शख्स का नहीं बल्कि पहले न्यूज24 और अब आईबीएन7 के रिपोर्टर पंकज बालियान का है. पहले यह परेशान बेरोजगार युवकों को अपने जाल में फंसाता है, उसके बाद पैसे हड़प लेता है. युवक इसके सपने में फंसकर अपने घर का सामान भी गिरवी रख देते हैं. ऐसा ही मामला हुआ है मेरे साथ. और यह कोई पहला मामला नहीं है. इसके पहले भी कई लोग फंस चुके हैं. रफ्तार चैनल में काम दिलाने के नाम पर इस शख्स ने मुझसे तीस हजार रुपए लिए, जिसके बदले उसने मुझे रफ्तार न्यूज चैनल की माइक आईडी और फर्जी आई कार्ड दिया. जब मैंने काम करना शुरू किया तो मैंने हेड ऑफिस के नम्बर पर खबर नोट कराने की कोशिश की तो वहां के सीईओ वाहिद नसीर ने कहा कि हमने आपको रिपोर्टर रखा ही नहीं तो खबर कैसे नोट करें.
मैं जब पंकज बालियान के पास गया तो उसने मेरे साथ गाली ग्लौज करते हुए अपने बड़े साथी, जो सहारनपुर में ही एक बड़े चैनल से तालुक रखता है, के साथ मिलकर मुझे धक्के देकर ऑफिस से बाहर निकाल दिया. जब मैंने उसे रिपोर्ट दर्ज कराने की बात कही तो उसने अधिकारियों से अच्छे तालुकात का हवाला देते हुए मुझे झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दे डाली. पता नहीं कितने बेरोजगार बनते हैं ऐसे ठगों के शिकार और बाद में परेशान होकर आत्महत्या कर लेते हैं. पत्रकारिता को चौथे स्तम्भ का दर्जा मिला हुआ है पर वो इन जैसे ठग रिपोर्टरों की वजह से अपमानित हो रहा है. मैं आपके माध्यम से अपनी बात सबसे सामने लाना चाहता हूं.
गौरव सैनी
सहारनपुर
गौरव सैनी के इन आरोपों के बारे में पंकज बालियान से जब बात की गई तो उन्हों ने ये ये कहा कि यह बिल्कुल गलत आरोप है. गौरव गाडि़यां रोक कर वसूली का काम करता था, जिसके चलते उसके चैनल ने उसे हटा दिया. रफ्तार ने उसको दलाली की वजह से निकाला है. वैसे भी रफ्तार तरूण शर्मा के पास था, यह उनका कैमरामैन था. इसने चार महीने रफ्तार में काम भी किया, पर वसूली की सूचना के बाद इसे निकाल दिया गया. पंकज ने कहा कि रफ्तार विधानसभा स्तर पर रिपोर्टर रखता है, उससे भी इसको परेशानी हो रही थी. रही पैसों की बात तो हर चैनल विज्ञापन के लिए पैसे लेते हैं, इससे भी चैनल ने विज्ञापन के पैसे लिए. ये नाहक मुझे बदनाम करने की कोशिश कर रहा है.






