ये हाल है यूपी में लॉ एंड आर्डर का. कामन मैन की कौन कहे, पत्रकारों के घर तक सुरक्षित नहीं हैं. ताजा मामला चौथी दुनिया हिंदी वीकली के सीनियर कापी एडिटर महेंद्र अवधेश का है. उन्होंने एक ग्रुप मेल भेजकर अपनी पीड़ा को बयान किया है. लीजिए, उनके मेल को पढ़िए और संबंधित अटैच्ड दस्तावेज देखिए. अगर लगे कि आपको महेंद्र अवधेश के लिए कुछ करना चाहिए तो जो भी कर सकते हैं, मेल, फोन, ज्ञापन, खबर, मुलाकात, दबाब…. जरूर करिए, वरना एक दिन आप भी इसी तरह के किसी चपेटे में आएंगे और आपके लिए भी कोई खड़ा होने वाला नहीं मिलेगा. -यशवंत, एडिटर, भड़ास4मीडिया
महोदय, मैंने कानपुर स्थित अपने मकान पर एक शराब कारोबारी द्वारा अवैध कब्जे के सम्बन्ध में एक प्रार्थना पत्र मुख्यमंत्री समेत उत्तर प्रदेश शासन के विभिन्न अधिकारियों को भेजा है. मुख्यमंत्री कार्यालय से जाँच के आदेश हो चुके हैं लेकिन शराब कारोबारी रामू जैसवाल अब मेरा एक दूसरा हिस्सा भी कब्जाने की कोशिश कर रहा है. हम दिल्ली में हैं, हमारी मदद कीजिये. अटैचमेंट आपके अवलोकनार्थ प्रेषित है और सहायता की प्रार्थना है. मैंने श्रीप्रकाश जायसवाल को भी पत्र भेजा लेकिन उनहोंने कोई जवाब नहीं दिया और मदद नहीं की.
धन्यवाद सहित
महेंद्र अवधेश
वरिष्ठ कॉपी संपादक-चौथी दुनिया साप्ताहिक










