धूप में पूरे फिल्म सिटी में नारेबाजी करते हुए चक्कर लगाना मुझ पर इतना भारी पड़ा कि दो दिन तक ठीक से बोल नहीं पाया क्योंकि गला बैठ गया था. बहुत दिनों बाद सड़क पर उतरा था और नारेबाजी भाषणबाजी मार्च के कारण पसीने से लथपथ हो चुका था. दो बजे मौके पर पहुंचने से पहले न्यूजलांड्री की रिपोर्टर सुमि का फोन आया था कि सब लोग कहां हैं? मैंने उन्हें बताया कि सभी लोग रास्ते में हैं, बस पहुंचने ही वाले हैं, मैं भी पहुंचने वाला हूं.
तमिलनाडु के तमिल चैनल 10टीवी से विजया का फोन आया कि वह कनाट प्लेस से निकल चुकी हैं और कवरेज के लिए फिल्म सिटी पहुंचने वाली हैं. विजया जिस 10टीवी में काम करती हैं, वह सहकारिता के माडल पर संचालित न्यूज चैनल है, इसलिए उस पर मीडिया हाउसों के खिलाफ खबरें प्रसारित होती रहती हैं. यह जानकारी पाकर मुझे वाकई खुशी हुई और सोचने लगा कि क्या हिंदी में कोई कोआपरेटिव न्यूज चैनल नहीं शुरू हो सकता?
खैर, मैंने विजया को बधाई दी, इस शानदार चैनल में काम करने के लिए. और, उन्हें छंटनी के खिलाफ आंदोलन के बारे में बताया. मैंने कवरेज करने पहुंचे सभी पत्रकार साथियों को बताया कि यह आंदोलन युवा पत्रकारों ने अपने दम पर, स्वतःस्फूर्त तरीके से प्लान किया है, मैं केवल इसमें शरीक होने आया हूं, नेतृत्व करने नहीं, मैं एक सिंपल कार्यकर्ता हूं इस छंटनी विरोधी आंदोलन का. युवा पत्रकारों ने टीवी18 में सैकड़ों पत्रकारों को निकालने के खिलाफ एक बैठक की और जर्नलिस्ट सालिडेरिटी फोरम उर्फ पत्रकार एकजुटता मंच का गठन किया. इसी मंच की तरफ से ये कार्यक्रम आयोजित है और मेरा मानना है कि जहां कहीं भी पूंजीपतियों और शोषकों के खिलाफ आंदोलन होगा, वहां मेरा नैतिक सपोर्ट रहेगा और सशरीर मौजूदगी का भी प्रयास करता रहूंगा.
फिल्म सिटी में हुए प्रदर्शन में करीब सवा सौ लोग शामिल हुए थे और इस प्रदर्शन से जुड़ी एक तस्वीर जब मैंने फिल्म सिटी से निकलते हुए मोबाइल के जरिए अपने फेसबुक वॉल पर शेयर की तो उसे देखते ही देखते दो सौ लाइक्स और दर्जनों कमेंट मिल गए. मैं सोचने लगा कि जितने लोग आनलाइन रहकर लाइक कमेंट करते हुए ऐसे आंदोलनों को सपोर्ट करने में जुटे रहते हैं, अगर वे सड़क पर भी उतर आते तो कितना अच्छा होता. खैर, किसी से कुछ कहने लायक नहीं है क्योंकि हर कोई खुद में बड़ा भारी विद्वान है और जीवन जीने का उसका अपना दर्शन है, सो सबको दूर से ही नमस्कार.
हां, तो मैं कह रहा था कि फिल्म सिटी में प्रदर्शन में भले ही सौ सवा सौ लोग आए हों पर प्रदर्शन रहा बहुत दमदार. वहां मौजूद कुछ पुराने टीवी जर्नलिस्टों ने बताया कि फिल्म सिटी में पहली बार पत्रकार एकता जिंदाबाद के नारे लग रहे हैं वरना यहां रोज न जाने कितने लोग निकाले रखे जाते हैं और सब यूं ही सहते हुए जीते जाते हैं. उम्मीद करते हैं कि जल्द ही युवा पत्रकार साथी फिर से फिल्म सिटी में धावा बोलने की योजना बनाएंगे ताकि इन करप्ट एडिटर्स को लग सके कि अगर वो नहीं सुधरे तो उनके घर में घुसकर धरना दिया जाएगा और उनकी सोशल इमेज का भुर्ता बना दिया जाएगा.
इन कारपोरेट और प्रबंधक टाइप एडिटरों से अपील है कि वे मैनेजमेंट के हर प्रस्ताव को दिल हथेली पर रखकर न कबूलें बल्कि बड़े पैमाने पर छंटनी जैसे प्रस्तावों को खारिज करते हुए खुद का भी इस्तीफा तैयार रखें. फिल्म सिटी से बाहर रहने वाले लोग भी जिंदगी जी लेते हैं, इसलिए अगर इन एडिटर्स का इस्तीफा हो जाएगा तो वो मर नहीं जाएंगे. हां, वे आम पत्रकारों को नेतृत्व करके जरूर पूरे देश में रोल माडल बन जाएंगे.
फिल्म सिटी में एक्सप्रेस टावर, जिसके अंदर सीएनएन आईबीएन का आफिस है और बगल वाली रोड पर स्थित आईबीएन7 पर जोरदार प्रदर्शन व सभा करके वक्ताओं ने कह डाला कि राजदीप व आशुतोष जिस किसी प्रोग्राम में मंच पर मिल जाएंगे, उनके मुंह पर कालिख पोता जाएगा. जोरदार बात यह रही कि 4रीयल न्यूज चैनल के हेड राजीव निशाना भी विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए और आंदोलनकारियों को संबोधित करते हुए प्रबंधन की मनमर्जी के खिलाफ आवाज उठाते रहने को जरूरी बताया. इस आयोजन से जुड़ी तस्वीरें व दो वीडियो देखने के लिए नीचे लिंक दिए गए हैं, क्लिक करें और एक ऐतिहासिक विरोध प्रदर्शन को महसूस करें.
लेखक यशवंत सिंह भड़ास4मीडिया के एडिटर हैं.
संपर्क: [email protected]
विरोध प्रदर्शन के दो वीडियो यूं हैं–
अंबानी के दलालों होश में आओ.. (एक) : यशवंत का संबोधन व नारेबाजी
http://bhadas4media.com/video/viewvideo/751/society-concern/ambani-ke-dalaalo-hosh-mei-aawo-1.html
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अंबानी के दलालों होश में आओ.. (दो) : भूपेन सिंह का संबोधन व नारेबाजी
http://bhadas4media.com/video/viewvideo/752/society-concern/ambani-ke-dalaalo-hosh-mei-aawo-2.html
विरोध प्रदर्शन की ढेर सारी तस्वीरें व खबरें इन लिंक में हैं…
सीएनएन-आइबीएन के आगे लगे डाउन-डाउन के नारे को पर्याप्त जगह देने के लिए चैनल का शुक्रिया : प्रदर्शन की तस्वीरें (4)
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बिजोड़ हंगामा किए थे सब लोग पोस्टर-बैनर लेकर… : प्रदर्शन की तस्वीरें (3)
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पुलिसवालों, जासूसों, बाउंसरों की घेरेबंदी तोड़ पत्रकारों का पूरे फिल्म सिटी में 'अंबानी के दलालों' के खिलाफ नारेबाजी : प्रदर्शन की तस्वीरें (2)
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छंटनी के खिलाफ सीएनएन-आईबीएन और आईबीएन7 के दफ्तरों पर धावा : प्रदर्शन की तस्वीरें (1)






