भारतीय जनसंचार संस्थान नई दिल्ली मुख्य परिसर में विदेशी छात्र-छात्राओं और ढेंकनाल, अमरावती, आइजॉल, कोयट्टम और श्रीनगर कैंपस की सभी छात्र-छात्राओं को छात्रावास की सुविधा मिले, इस बाबत संस्थान के पूर्व छात्रों की एक महत्वपूर्ण बैठक 9 जुलाई, मंगलवार को इंडियन कॉफी हाउस, नई दिल्ली में संपन्न हुई. इस बैठक में वरिष्ठ पत्रकार सत्येंद्र रंजन और अभिषेक श्रीवास्तव केअलावा विनय जायसवाल, विजय प्रताप, अवनीश राय, अरुण उरांव, योगेश कुमार शीतल, मुनिशंकर, देवेश खंडेलवाल, आनंद कुमार दत्त, संजीव कुमार साहू, राहुल आनंद, शेखर सुमन सिन्हा, धर्मेंद और अभिषेक रंजन सिंह ने शिरकत की.
इस बैठक में हिंदी पत्रकारिता, सत्र- 1987-88 के पूर्व छात्र सत्येंद्र रंजन ने आईआईएमसी के महानिदेशक सुनित टंडन को छात्रावास के लिए एक मांग-पत्र सौंपने का सुझाव दिया. उनके इस सुझाव का सभी पूर्व छात्रों ने समर्थन किया. लिहाज़ा बुधवार 10 जुलाई को अभिषेक रंजन सिंह और मुनिशंकर आईआईएमसी जाकर महानिदेशक को ज्ञापन सौंपेंगे. वरिष्ठ पत्रकार अभिषेक श्रीवास्तव ने अभिषेक रंजन सिंह के इस सुझाव का समर्थन किया कि नए शैक्षणिक सत्र-2013-14 के छात्रों को जागरूक करने के लिए ऑरिएनटेशन सेशन के दौरान कैंपस में हेंडविल, पर्चा और पोस्टर का वितरण किया जाए और नए छात्रों को छात्रावास की मांग करने के लिए प्रेरित किया जाए.
योगेश कुमार शीतल और देवेश खंडेलवाल ने छात्रावास के मसले पर आरटीआई के जरिए जानकारी मांगने की सलाह दी, जिसका सबों ने समर्थन किया. विजय प्रताप और अवनीश राय के मुताबिक़, आईआईएमसी में छात्रावास की समस्या वाकई गंभीर है, लेकिन कई और समस्याएं ऐसी हैं, जिसके बारे में भी सोचने की ज़रूरत है. वहीं, हिंदी पत्रकारिता विभाग, सत्र- 2007-08 के छात्र विनय कुमार जायसवाल के अनुसार, छात्रावास की सुविधा हासिल होने से शैक्षिणिक माहौल पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा. सत्र 2012-13 के छात्र वेद प्रकाश ने पूर्व छात्रों को अपनी आपबीती भी सुनाई कि किस तरह समय पर किराया न देने की वजह से मुनिरका स्थित मकान मालिक ने उसका सामान अपने कब्जे में ले लिया था. निष्कर्षतः छात्रावास से वंचित छात्रों की इस समस्या पर पूर्व छात्रों की यह बैठक पूरी तरह सफल रही और सभी लोगों ने इस मांग को प्रासंगिक बताया.






