रायपुर : छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा कि बस्तर के वनवासी धरती पर ईश्वर के प्रतिनिधि है। उन्होंने कहा कि बस्तर के जनजातीय लोगों में दैवीय आभा, मधुरता, प्रसन्नता और निश्चलता के एक साथ दर्शन होते है। डॉ. रमन सिंह नई दिल्ली के कांस्टीटयूशनल क्लब में बस्तर के जनजातीय जीवन और संस्कृति पर राजीव रंजन प्रसाद द्वारा लिखी पुस्तक आमचो बस्तर के विमोचन के अवसर पर बोल रहे थे। इस अवसर पर राज्य के कृषि मंत्री श्री चंद्रशेखर साहू भी उपस्थित थे।
विमोचन समारोह की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. प्रेम जनमेजय ने की। वरिष्ठ पत्रकार श्री एन.के.सिंह समारोह में विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर के वनवासी शांति, उत्सव और उल्लास के साथ जीवन जीने में यकीन रखते है। उन्होंने कहा कि इस पुस्तक के कव्हर पेज पर छपी तस्वीर ही पूरे बस्तर की कहानी बयान कर रही है। उन्हें कहा कि पुस्तक के लेखक श्री राजीव रंजन प्रसाद ने बहुत परिश्रम से बस्तर की गोद में बैठकर अपने पल पल के अनुभवों के आधार पर इस पुस्तक को लिखा है। उन्होंने इसके लिए उन्हें बधाई दी।

वरिष्ठ पत्रकार श्री एन.के.सिंह ने कहा कि यह पुस्तक उन्हे कल ही प्राप्त हुई और उन्होंने पूरी रात भर जाग कर इसे पढ़ा है। एक बार पुस्तक को पढ़ना प्रारम्भ करने के बाद ही यह लग गया था कि यह बस्तर का सही चित्रण कर रही है। पुस्तक के लेखक श्री राजीव रंजन प्रसाद ने बताया कि यह उपन्यास नक्सल हिंसा और आतंक से जुझते बस्तर अंचल की कथा पर आधारित है। इसमें ऐतिहासिक मिथकों और वर्तमान काल को एक साथ प्रस्तुत किया गया है। पुस्तक में बस्तर अंचल की कला संस्कृति, परम्परा और भाषा जैसे विषयों को स्पर्श करते हुए नक्सल हिंसा की वजह से इस अंचल के सामाजिक आर्थिक विकास में हो रहे विपरीत प्रभावों पर भी प्रकाश डाला गया है।
प्रेस विज्ञप्ति





