महारागंज से खबर है कि वहां जन्संदेश टाइम्स के दफ्तर में ताला लग गया है. दफ्तर में एक नहीं तीन-तीन ताले लगे हैं. पहला ताला मकान मालिक का है, दूसरा ताला जिला प्रभारी का है और तीसरा ताला फोटोग्राफर का है. मकान मालिक किराए के लिए और फोटोग्राफर अपने वेतन के लिए दफ्तर में ताला जड़ दिए हैं. जिलाप्रभारी अपने लिए दूसरे अखबार में ठौर के जुगाड़ में लग गए हैं.
बताया जा रहा है कि जन्संदेश की हालत ठीक नहीं चल रही है. उसमें काम करने वाले ही अब जनसंदेश को शोक सन्देश कहने लगे हैं. कर्मचारियों और पत्रकारों को समय से वेतन न मिलने से बहुत परेशानी खड़ी हो गयी है. जो लोग शैलेन्द्र मणि की ख्याति और ग्लैमर देख कर जागरण को अलविदा कर जन्संदेश ज्वाइन किये सभी पछता रहे है. जिला और तहसीलों में स्थित दफ्तरों की हालत ठीक नहीं है. महाराजगंज की तालाबंदी बहुत कुछ बया कर रही है.






