वरिष्ठ पत्रकार और जनसत्ता अखबार के संपादक ओम थानवी की मां किसन प्यारी जी का अस्सी साल की उम्र में निधन हो गया. वे फेफड़े के रोग से पीड़ित थीं. जोधपुर में उनका लंबे समय से इलाज चल रहा था. बाद में डाक्टरों ने जब जवाब दे दिया तो उन्हें पैतृक गांव पोखरण में स्थित फलौदी लाया गया.
ओम थानवी के एक पुत्र और बहू डाक्टर हैं. वे लोग लगातार सेवा में लगे रहे. ओम थानवी एक कार्यक्रम में जार्डन गए हुए थे. उन्हें जब मां की लगातार बिगड़ती सेहत के बारे में जानकारी दी गई तो वो आनन-फानन में लौटे. ओम थानवी के आ जाने के बाद मां ने अंतिम सांस ली. आज गांव में ही पारंपरिक तरीके से उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया.

फाइल फोटो : बीमारी के दौरान ओम थानवी की मां का हाथ पकड़कर उठने में सहारा देते उनके पिताजी.
ओम थानवी के पिता जी शिवरतन थानवी जो कि दो शैक्षिक पत्रिकाओं के संपादक रहे हैं और वामपंथी विचारधारा रखते हैं, ने सभी घरवालों से कह दिया था कि कोई भी रोना-धोना नहीं करेगा क्योंकि यह स्वाभाविक निधन है. बावजूद इसके घर के सभी लोग अपने आंसू रोक नहीं पाए. घरवालों ने बताया कि अपनी शादी से पहले मां अपने मायके में करीब चार किलोमीटर दूर से पीने का पानी अपने सिर पर रखकर ले आती थीं. वह भी एक नहीं बल्कि दो घड़े एक साथ भरकर लाती थीं. बेहद परिश्रमी और मजबूत इच्छा शक्ति वाली मां अपने पीछे भरा पूरा परिवार छोड़ गई हैं.
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