राजेन टोडरिया उत्तराखंड के साथ हिमाचल में भी एक जाने-पहचाने नाम थे. वामपंथ विचारधारा के टोडरिया जनसरोकार के लिए सरकारों के खिलाफ भी लेखनी चलाने से कभी नहीं डरे. यही कारण रहा कि वे उत्तराखंड के लोगों में लोकप्रिय रहे. वे पत्रकारिता के साथ-साथ आंदोलनों में भी बढ़ चढ़कर हिस्सा लेते थे. बताया जा रहा है कि उनकी मौत के कारणों सरकार का उत्पीड़न भी एक बड़ा कारण है.
बहुगुणा सरकार पिछले काफी समय से उनका उत्पीड़न कर रही थी. तमाम एजेंसियों के लोग उनके बारे में पूछताछ करने के लिए उनके घर, गांव तक पहुंच रही थीं. राजेन टोडरिया मुख्यधारा के पत्रकार होने के अलावा न्यूज मीडिया पर भी उतनी ही सक्रियता दिखाते थे. फेसबुक पर उपलब्ध उनकी सक्रियता की कुछ तस्वीरें.













