यशवंत जी नमस्कार, भड़ास पर महुआ प्रबन्धन द्वारा कर्मचारियों के शोषण की खबर पढ़ी जिसे आपने प्रमुखता से उठाया था. ये हाल केवल महुआ का ही नहीं बल्कि सभी चैनलों का लगभग यही हाल है. मैं राजस्थान के एक चैनल जन टीवी में रिपोर्टर हूं. ये चैनल राजस्थान का है लेकिन इसमें चार पांच बुलेटिन बिहार और झारखंड के चलते हैं जिनमें बिहार और झारखंड के कुल मिलाकर 64 रिपोर्टर हैं. छः महीने से हम लोगों को एक भी पैसा ना तो वेतन मिला है ना ही किसी त्यौहार पर ही कोई राशि दी गयी है. ये चैनल जिस कंपनी का है वो जयपुर में कैम्पयू काम कम्पनी की सिस्टर कंसर्न है और पूरे बिहार झरखंड में ये सरकारी स्कूलो में कम्प्यूटर लगाती है और जयपुर में एक इजीनियरिंग कालेज भी चलाती है.
बिहार और झारखंड के किसी भी रिपोर्टर को पिछले जून माह से एक भी पैसा वेतन नहीं मिला है. इस बीच दुर्गापूजा और दीपावली जैसे बड़े त्यौहार आकर चले गये और उसमें भी हम लोगों को एक पैसा नहीं दिया गया. आप ही सोचिये कि हम लोगों की क्या स्थिति होगी. जैसे ही त्यौहारों का टाइम आता है बिहार और झारखण्ड ब्यूरो चीफ भूपेन्द्र दूबे बहाना बनाकर जयपुर स्थित मुख्यालय जाकर बैठ जाते हैं और कहते हैं कि एमडी से वेतन के लिए बात हो रही है. जबकि सच्चाई ये है कि सारा स्टाफ और ब्यूरो चीफ खुद अपना वेतन ले लेते हैं बस बिहार और झारखंड के रिपोर्टरों को ही भुगतान नहीं किया जा रहा है.
दुर्गापूजा और दशहरा इसी बहानेबाजी में बीतने के बाद हम लोग इस उम्मीद में थे कि दीपावली में तो हम लोगों को वेतन मिल ही जायेगा लेकिन अब तो दीपावली और छठ भी बीत गयी है और अभी भी वेतन मिलने की कोई सम्भावना नहीं दिख रही है. ब्यूरो चीफ फिर जयपुर जाकर बैठ गये हैं. छः महीने हो गये हैं और हम लोग बिना पैसों के काम किये जा रहे हैं. यशवंत जी प्लीज, आप हम लोगों के मुद्दे को प्रमुखता से उठायें और आगे रखें ताकि हम लोगों को न्याय मिल सके. पिछले छः महीने से एक भी पैसा ना मिलने से हम लोगों की हालत बहुत खराब हो चुकी है. आपसे बड़ी उम्मीद है. आप हमारी भी खबर प्रमुखता से रखें.
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