पुवायॉ (शाहजहांपुर) : विधानसभा चुनावों में खबरनवीसों की बन आई, प्रत्याशियों ने अखबारों में खबरें छपवाने के लिये काफी रकम खर्च की, लेकिन यहॉ पर एक खबरनवीस को यह सौदा काफी महंगा पड़ गया, जब खबर के बदले लिये गये रुपये प्रत्याशी को वापस करने पडे और बेइज्जती हुई सो अलग। इसके बाद से खबरनवीस सबसे मुंह चुराता फिर रहा है।
पुवायॉ विधानसभा सीट है, लेकिन यहॉ पर सभी प्रत्याशियों में अखबारों में खबर छपवाने को लेकर बड़ी होड़ लगी थी। खबर छपवाने को लेकर एक प्रत्याशी के सर्मथकों ने बरेली से प्रकाशित एक प्रतिष्ठित अखबार में प्रत्याशी के समर्थन में कसीदें वाली खबर छपवाने के लिये अभी नये बनाये गये तहसील प्रभारी से बात की और चार फोटो सहित प्रत्याशी की खबर एक मार्च के अंक मे छापने के लिये पचास हजार रुपये में सौदा तय किया। सौदे की कुछ रकम ऊपर भी पहुंचायी गयी। लेकिन हुआ उल्टा क्योंकि बरेली से वह खबर रोक दी गयी और अन्य सभी प्रत्याशियों की तरह ही सामान्य खबर लगायी गयी।
अगले दिन जब अखबार मार्केट में आया और प्रत्याशी के समर्थकों ने सौदे के मनमुताबिक अखबार में खबर न पाकर खबरनवीस को जमकर लताड़ लगायी। इस पर खबरनवीस गिड़गिड़ाने लगा और अगले दिन की मोहलत मागी, लेकिन खबर अगले दिन वाले अंक मे भी नहीं लगी। इस पर प्रत्याशी के समर्थकों ने खबरनवीस से रुपये लौटाने की बात कही, पर रुपये वापस करने पर खबरनवीस आनाकानी करने लगा। आनाकानी करने पर प्रत्याशी के समर्थकों ने बात ऊपर तक पहुंचायी और बडे़ नेता के जारी फरमान द्वारा खबरनवीस को एक दूसरे नेता के घर बुलाया गया और खबर के बदले दिये गये रुपये लौटाने की बात दुहरायी और उसकी अपने समर्थकों के सामने काफी बेहज्जती की तथा देख लेने की धमकी दी।
इससे घबराए खबरनवीस ने अपने आका से सम्पर्क साधा और आका से अनुमति मिलने के बाद खबरनवीस ने प्रत्याशी के समर्थकों द्वारा दी गयी पचास हजार रुपये की रकम में से पैंतालीस हजार की रकम वापस की। प्रत्याशी समर्थकों ने पैंतालीस हजार ही वापस लेकर सन्तोष कर लिया। खबरनवीस की बेइज्जती होने से वह अपना मुंह चुरता फिर रहा है। यह खबरनवीस पहले भी ऐसे ही प्रकरणों में फंस चुका है।






