Vikas Mishra : पूर्व जेडीयू और पूर्व बीजेपी नेता साबिर अली के कुछ संस्मरण मेरे पास भी हैं। बात करीब ढाई साल पहले की है, जब महुआ न्यूज में मैं था। चैनल संकट में था, पैसे के लिए साबिर अली से डील चलने लगी। मेरी जानकारी के मुताबिक साबिर अली ने चैनल के मालिक पीके तिवारी को पांच करोड़ रुपये देने की बात कही थी।
खैर, आलम ये हो गया कि साबिर अली जैसे ही न्यूज रूम में आते, तुरत लाइव हो जाते थे। उनका इंटरव्यू चलने लगता था। साबिर अली ने मुफत की फूटेज खूब खाई। महुआ न्यूज की तरफ से दावत भी उड़ाई, लेकिन जेब ढीली नहीं की। पता चला कि डील 5 करोड़ से खिसकते खिसकते 50 लाख रुपये तक पहुंच गई। उसके बाद डील का जयश्रीराम हो गया।
साबिर अली ने झटका दे दिया, तिवारी जी देखते रह गए। गाज गिरी उस रिपोर्टर पर, जिसने साबिर अली को डील के लिए मिलवाया था, बेचारे को नौकरी से निकाल दिया गया। साबिर अली ने तिवारी जी को जैसा झटका दिया था, उससे ज्यादा जोरदार साबिर को खुद लगा है। यकीन है कि मुख्तार अब्बास नकवी ही नहीं, तिवारी जी भी बहुत खुश होंगे।
आजतक न्यूज चैनल में वरिष्ठ पद पर कार्यरत पत्रकार विकास मिश्रा के फेसबुक वॉल से.






