Abhishek Srivastava : 'आप' से टिकट लेकर लोकसभा चुनाव लड़ने के चक्कर में जिन लोगों ने जिंदगी भर के अपने राजनीतिक कर्म और विश्वसनीयता को दांव पर लगा दिया और पाला बदलने का जबरन तर्क गढ़ा, तिस पर भी जिन्हें टिकट नहीं मिला, उनके लिए मुझे कोई खेद नहीं है।
फिर भी, कहना चाहूंगा कि नागपुर के पुराने ट्रेड यूनियन लीडर जम्मू आनंद को लेकर मैं बहुत चिंतित हूं जिन्हें टिकट का आश्वासन देकर अंजलि दमानिया ने 'आप' में आने को बड़ी मेहनत से राज़ी किया जबकि नागपुर का टिकट खुद दमानिया ने अपने नाम कर लिया। यह आम आदमी के नाम पर की जाने वाली राजनीति का एक शुरुआती विश्वासघात है। अभी और हादसे होने बाकी हैं।
प्रतिभाशाली पत्रकार और सोशल एक्टिविस्ट अभिषेक श्रीवास्तव के फेसबुक वॉल से.






