भारत के संसद पर हमला करने के दोषी अफज़ल गुरू की फाँसी के बाद से ही जम्मू-कश्मीर में तनाव की स्थिति बनी हुई है. सरकार ने रविवार को भी घाटी के 10 ज़िलों में अनिश्चितकालीन कर्फ़्यू जारी रखा है. शनिवार को अफ़ज़ल को फाँसी दिए जाने के बाद से घाटी में कर्फ्यू लगा दिया गया था तथा मोबाइल, इंटरनेट सेवा एवं टीवी सेवाओं को बंद कर दिया गया था. मोबाइल और इंटरनेट सेवा अब भी बंद है, जबकि टीवी प्रसारण शुरू कर दिया गया है.
शनिवार की रात में सुरक्षा बलों तथा प्रदर्शनकारियों में कई बार झड़पे भी हुईं. कई जिलों में प्रदर्शनकारी कर्फ़्यू का उल्लंघन करते हुए बाहर भी निकल आए. बारामूला और सोपोर में रात में प्रदर्शकारियों और पुलिस की बीच झड़पें हुई हैं. प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव भी किया. अफजल गुरु के गृहनगर सोपोर के साथ बारामूला जैसे संवेदनशील इलाकों में पुलिस काफी चौकन्नी है तथा पूरी तरह सतर्कता बरत रही है. हालात को काबू में रखने के लिए पुलिस के साथ बड़ी संख्या सीआरपीएफ को भी तैनात किया गया है.
अफजल को लेकर राज्य में राजनीति भी जारी है. जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट के प्रमुख यासिन मलिक अफजल के शव को उसके परिवार को सौंपने की मांग पर एक दिन के भूख हड़ताल पर हैं. अफजल का परिवार दिल्ली में मौजूद है. वे लोग तिहाड़ में अफजल के कब्र पर जाना चाहते हैं. इधर, ऑल पार्टी हुर्रियत कॉफ्रेंस एम के अध्यक्ष मीरवाइज उमर फारुक ने अफजल को फांसी दिए जाने के विरोध में जम्मू कश्मीर में चार दिन के बंद का ऐलान किया है.
राज्य में सरकार पूरी तरह सतर्कता बरत रही है. सीएम उमर अब्दुला स्थिति पर पूरी तरह निगाह रखे हुए हैं. व्यवस्था सामान्य बनाए रखने के लिए वे वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक की है. उमर ने जनता से भी अपील की है कि वे हालात को अनियंत्रित ना होने दें, अपना धैर्य बनाए रखें. इस दौरान आयोजित होने वाली तमाम परीक्षाएं रद्द कर दी गई हैं तथा स्कूल कॉलेजों को बंद कर दिया गया है. इसके बावजूद राज्य में तनाव की स्थिति बनी हुई है.