: सरकारी संसाधन का जमकर हुआ दुरुपयोग : इसे कहते हैं जलवा. जब जलवा है तो क्या कानूनी और क्या गैर कानूनी. सब चलता है. आपके घर में लगी आग को बुझाने के लिए भले ही दमकल विभाग का टैंकर और पानी ना मिले परन्तु यहां होली खेलने के लिए दमकम विभाग का टैंकर तैनात कराया जा सकता है. जी हां, इतना ताकतवर है बनारस क्लब और इतने ही ताकतवर हैं बनारस क्लब के पदाधिकारी. होली पर इस क्लब के सदस्य बाल्टी और ड्रम से नहीं बल्कि दमकल विभाग के टैंकर से होली खेलना पसंद करते हैं.
और अगर जो चीज इन्हें पसंद है उसे पूरा करने की ताकत भी इनके पास है. अपनी पंसद के अनुसार ही इन लोगों ने दमकल विभाग का टैंकर मंगाकर होली खेली. बनारस क्लब में दमकल विभाग के टैंकर में ही रंग घोल दिया गया. उसके बाद कुछ लोग टैंकर के उपर चढ़कर इस वीआईपी क्लब के पदाधिकारी तथा सदस्यों पर जमकर रंग बरसाए. इस क्लब के पदाधिकारियों पर तो समय समय पर आरोप लगते रहते हैं, पर एक सरकारी विभाग का टैंकर किसके आदेश पर बनारस क्लब में लोगों की होली मनवाने पहुंचा, सरकारी संसाधन का दुरुपयोग करने की इजाजत किसने दी तथा इस दौरान डीजल-पेट्रोल का खर्च किस मद में वहन किया गया? ऐसे ढेरो सवाल हैं, जो बनारसी एक दूसरे से पूछ रहे हैं.
वैसे भी दमकम विभाग के टैंकर का काम आग बुझाने में होता है. अगर इस दौरान कहीं इस तरह की घटना हो जाती तो किस तरह यह टैंकर समय से घटना स्थल पर पहुंच पाता. सवाल यह भी है कि क्या सरकारी चीजों का व्यक्तिगत तौर पर उपयोग जायज है. क्या यह उचित परिपाटी कही जा सकती है? बनारस के एलिट लोगों का क्लब माने जाने वाले बनारस क्लब के लोग क्या नियम-कानूनों से भी ऊपर है? आप भी देखिए बनारस क्लब और इनके पदाधिकारियों का जलवा.








